31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नहीं रहे जोगी के शासन काल के मंत्री तुलेश्वर, जानिए कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर

स्वास्थ्य खराब होने के कारण आज हुआ निधन, सूरजपुर से अंबिकापुर अस्पताल लाते रास्ते में तोड़ा दम

2 min read
Google source verification
Tuleshwar Singh

Tuleswar Singh

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की सरकार में मंत्री रहे पे्रमनगर निवासी तुलेश्वर सिंह का सोमवार की दोपहर निधन हो गया। रात में उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। सूरजपुर जिला अस्पताल में इलाज के लिए उन्हें भर्ती कराया गया था। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों द्वारा उन्हें हायर सेंटर अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया गया था। अंबिकापुर लाते समय रास्ते में ही उनका निधन हो गया। पूर्व मंत्री के निधन से सूरजपुर जिले में शोक की लहर है।


गौरतलब है कि मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य का गठन नवंबर 2001 में हुआ था। इस दौरान राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी बने थे। इधर पे्रमनगर विधानसभा क्षेत्र से तुलेश्वर सिंह के जीत दर्ज करने के बाद उन्हें वन व स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। सरकार द्वारा दिए गए दायित्वों का इन्होंने बखूबी निर्वहन किया था।

बताया जा रहा है कि रविवार की रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर परिजनों द्वारा उन्हें इलाज के लिए सोमवार की सुबह सूरजपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

यहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों द्वारा बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। अंबिकापुर लाते समय रास्ते में ही सांसों ने उनका साथ छोड़ दिया। इसके बाद उनका शव गृहग्राम ले जाया गया।


परिजनों व समर्थकों में शोक की लहर
तुलेश्वर सिंह के निधन की खबर सुनते ही उनके समर्थकों में शोक की लहर फैल गई। जिस किसी को भी यह खबर मिली वे उनके अंतिम दर्शन करने पहुंचने लगे। इधर तुलेश्वर सिंह के निधन से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


जीवन परिचय
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम शिवपुर में कृषक बालम सिंह के घर 1 जुलाई 1959 को तुलेश्वर सिंह का जन्म हुआ था। शिक्षा-दीक्षा रामानुजनगर व सूरजपुर में होने के बाद जैस ही तुलेश्वर सिंह ने युवावस्था में कदम रखा वैसे ही उनका चयन पुलिस विभाग में एसआई के पद पर हो गया।

लेकिन 1984 में ही विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन्हें अपना उम्मीदवार बनाया और जीत दर्ज कर विधायक निर्वाचित हुए। इसी बीच इनका विवाह पुष्पा सिंह से हुआ। उनकी जीवन बगिया २ पुत्र बलवंत सिंह व सतवंत सिंह तथा 2 पुत्रियां चंद्रकला सिंह व शशिकला सिंह से सुशोभित हो रही थी।

राजनीति में इन्हें पैलेस विरोधी माना जाता रहा है, यही कारण था कि जब प्रदेश में अजीत जोगी की सरकार बनी तो वे मंत्री बने। जूझारू, तेज तर्रार और क्षेत्र में प्रखर आदिवासी नेता के रूप में लोकप्रिय हुए पूर्व राज्यमंत्री तुलेश्वर सिंह कांग्रेस पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी, तृणमुल कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भी शामिल होकर राजनीतिक संभावनाएं तलाशते रहे।


3 बार बने थे विधायक
तुलेश्वर सिंह आदिवासी वर्ग में मजबूत पकड़ रखते थे। वे संयुक्त मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में पहली बार 1984 में भाजपा से विधायक बने थे। तुलेश्वर सिंह को जब 1989 में भाजपा से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस से 1993 व 1998 में चुनाव जीतकर वे विधायक व मंत्री बने। उन्हें 2003 में भाजपा की रेणुका सिंह ने हराया था।

Story Loader