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Ration scam: पति-पत्नी ने मिलकर किया 54 लाख का राशन घोटाला, फूड इंस्पेक्टर ने दर्ज कराई एफआईआर

Ration scam: पति-पत्नी ने मिलकर राशन दुकान में की भारी मात्रा में चावल, शक्कर, चना व नमक की अफरा-तफरी, खाद्य निरीक्षक ने दर्ज कराई रिपोर्ट

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CG Rice Ghotala: छत्तीसगढ़ में फिर से शुरू हुई सरकारी चावल की तस्करी, वाहन छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर

सरकारी चावल की तस्करी (Photo Patrika)

बिश्रामपुर. वर्ष 2023-24 में सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर उचित मूल्य दुकान का संचालन करने के दौरान 54 लाख से अधिक का खाद्यान्न घोटाला (Ration scam) हुआ था। इस मामले में मंगलवार को बिश्रामपुर पुलिस ने खाद्य निरीक्षक नीतीश कुमार की रिपोर्ट पर दुकान संचालक चंदा स्व-सहायता समूह की चंदा सिंह और उसके पति विजेंद्र सिंह निवासी शिवनंदनपुर के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

खाद्य अधिकारी नीतीश कुमार ने बताया कि मामला (Ration scam) वर्ष 2023-24 का है, जब शिवनंदनपुर पंचायत के अधीन संचालित दुकान क्रमांक एक आईडी संख्या 3920090010 का संचालन चंदा स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा था।

इस दौरान दुकान संचालक द्वारा 1315 क्विंटल चावल, 16 क्विंटल 71 किलो शक्कर, 14 क्विंटल 1 किलो नमक, 31 क्विंटल 42 किलो के सरकारी खाद्यान्न की अफरा-तफरी की गई थी। अफरा-तफरी किए गए खाद्यान्न का मूल्य 54 लाख 31 हजार रुपए आंका गया है।

दुकान संचालन के दौरान लगातार खाद्यान्न शॉर्टेज (Ration scam) होने पर दुकान संचालक विजेंद्र सिंह और समूह संचालक चंदा सिंह को खाद्य विभाग द्वारा कई बार मौखिक व लिखित में नोटिस देने के बाबजूद गबन की गई खाद्यान्न की रकम विभाग में जमा नहीं कराई गई।

फिर एसडीएम के निर्देश पर आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ बिश्रामपुर पुलिस ने मंगलवार को आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3, 7 भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5),318(4), 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है।

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Ration scam: जिले में और भी ऐसे मामले

जिले में ऐसे कई पीडीएस दुकान संचालकों पर गबन (Ration scam) का मामला लंबित है। कई संचालकों ने लाखों के खाद्यान्न का गबन कर दुकान का संचालन छोड़ दिया है। उक्त मामला करीब 54 लाख से अधिक का है इसलिए भी खाद्य विभाग पर वसूली का दबाव था।

बताया गया कि कई बार दुकान संचालक को मौखिक निर्देश देकर रुपए जमा करने अवसर दिया गया, बावजूद दुकान संचालक द्वारा रकम जमा नहीं कराने के बाद प्रशासन को आखिरकार दंपती के खिलाफ केस दर्ज कराना पड़ा।