
रिटर्न में चूके तो जेब होगी ढीली
सूरत. आयकर का रिटर्न भरने वाले लोगों के लिए जुर्माने से बचने के लिए महज एक पखवाड़े का समय बचा है। आयकर विभाग ने नियमों में बदलाव करते हुए पहले ही साफ कर दिया था कि इस बार रिटर्न भरने में देरी हुई तो लोगों को जुर्माना चुकाना होगा। चालू वित्त वर्ष की रिटर्न 31 मार्च, 2019 के बाद दाखिल नहीं की जा सकेगी
हर साल लोगों को 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करनी होती है। जो लोग टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं, वह दूसरे साल तक रिटर्न दाखिल करते रहे हैं। नए बदलाव के बाद इस बार ऐसे लोग भी देरी से रिटर्न दाखिल करते हैं तो उन्हें भी जुर्माना देना होगा। सीए लोकेश खदरिया ने बताया कि ऐसे लोगों को विशेष ध्यान देना होगा, जो टीडीएस का रिफंड लेने या फिर पैनकार्डधारक हैं, इसलिए रिटर्न भरते हैं।
ऐसे नौकरीपेशा लोगों की बड़ी संख्या है, समय पर कागजात जमा नहीं कराने पर संस्थान जिनका टीडीएस काट लेता है और उसके रिफंड के लिए लोग रिटर्न दाखिल करते हैं। कई संस्थानों में फार्म १६ लोगों को देरी से मिलता है और कुछ अपनी लापरवाही के कारण अब तक तय तारीख निकलने के बाद भी रिटर्न भरते रहे हैं। इन लोगों के लिए समय की पाबंदी जरूरी हो गई है।
आयकर विभाग के नए नियमों के मुताबिक पांच लाख तक की आय वाले लोगों को देरी से रिटर्न दाखिल करने पर एक हजार और उससे अधिक वाले लोगों को पांच हजार रुपए जुर्माना भरना होगा। पांच हजार से कम आय वाले लोगों के लिए देरी से रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा भी 31 मार्च, 2019 तक है। पांच हजार से अधिक आय वालों को पांच हजार रुपए के दंड के साथ 31 दिसंबर, 2018 तक और दस हजार रुपए के दंड के साथ 31 मार्च, 2019 तक रिटर्न दाखिल करना होगा। चालू वित्त वर्ष की रिटर्न 31 मार्च, 2019 के बाद दाखिल नहीं की जा सकेगी।
Published on:
11 Jul 2018 10:25 pm
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