
सूरत. जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राज्य गुजरात के सूरत से भी 10 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की भयानक वारदात सामने आई है। इस मासूम के साथ आठ दिनों तक लगातार दुष्कर्म किया गया। मासूम की जान निकलने तक उसे मारा गया। शरीर पर इतनी यातनाएं दी गईं कि 80 घाव तो साफ-साफ नजर आ गए। शव मिलने के आठ दिन बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो ज्यादती की भयानक दास्तान सबके सामने आ गई।
इस पूरे मामले में सूरत के पांडेसरा पुलिस की ढिलाई भी इसलिए उजागर हो गई कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद वे बच्ची की शिनाख्त तक नहीं कर सके। इतने दिनों से बच्ची का शव पोस्टमार्टम के बाद मोर्चरी में रखा हुआ है और कोई भी अब तक उसे पहचानने के लिए आगे नहीं आया। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद न तो सत्तारुढ़ भाजपा की तरफ से किसी ने मासूम के परिजनों को ढूंढने के लिए आवाज उठाई, न ही उपवास और कैंडल मार्च करने वाले विपक्ष ने कोई शोर मचाया।
पुलिस नेे नहीं किए कोई प्रयास
जानकारी के अनुसार आठ दिनों से शव के मोर्चरी में रखे जानेे के बावजूद पुलिस ने मासूम की शिनाख्त के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए। पांडेसरा पुलिस इसी इंतजार में बैठी है कि बच्ची के परिवार वाले या परिचित खुद चलकर आएंगे, इसके बाद ही वे हरकत में आएंगे। पुलिस की ऐसी लचर कार्यप्रणाली बताती है कि वारदातों को रोकने या हल करने के मामलों में उनका रवैया कितना लचर है।
यह था पूरा मामला
पांडेसरा थाना क्षेत्र के जीयाव-बुढिया रोड पर झाडिय़ों से बीते शुक्रवार यानी ६ अप्रेल की सुबह पुलिस ने एक मासूम बालिका का शव मिला। मृतक की उम्र करीब १० साल बताई गई। आस-पास काफी पड़ताल करने के बावजूद उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई। उसके गले तथा गुप्तांग पर चोट के गंभीर निशान भी मिले। पुलिस ने बताया था कि किसी ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और गला घोंट कर या मुंह दबा कर उसकी हत्या कर दी। सुबह पौने सात बजे लोगों ने उसका शव देखा। पुलिस ने बालिका की शिनाख्त और हमलावर के सुराग के लिए आसपास के इलाके में छानबीन की, लेकिन प्राथमिक पड़ताल में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
Published on:
14 Apr 2018 05:11 pm
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