
कृत्रिम तालाब में किया माता का अभिषेक
सूरत
महाराष्ट्रीयन समाज की ओर से सोमवार को कानबाई माता का जलाभिषेक तापी नदी के घाट पर आवाज एनजीओ और शिवसेना की ओर से बनाए गए कृत्रिम तालाब में किया गया। दोनों संगठनों की ओर से मनपा प्रशासन से कृत्रिम तालाब बनाने की मांग की गई थी। प्रशासन ने मांग नहीं मानी तो एनजीओ और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने डक्का घाट पर ट्रेक्टर में ही कृत्रिम तालाब बना दिया।
आवाज एनजीओ के प्रमुख जयवंत खैरनार और शिवसेना प्रमुख विलास पाटिल ने बताया कि सावन महीने में महाराष्ट्रीयन समाज में कानबाई माता की स्थापना और जलाभिषेक की परंपरा है। सूरत में लाखों की संख्या में बसे महाराष्ट्रीयन परिवारों ने इस परंपरा को यहां भी जारी रखा है। घरों में कानबाई माता की स्थापना के बाद माता की तापी नदी तक विसर्जन यात्रा निकाली जाती है और नदी के जल से अभिषेक किया जाता है। तापी नदी में बढ़ते प्रदूषण और जलस्तर कम होने से इस बार जलाभिषेक के लिए तापी के डक्का घाट पर कृत्रिम तालाब बनाने के लिए मनपा प्रशासन के साथ ही सांसद सी.आर.पाटिल और संगीता पाटिल से मांग की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आखिर सोमवार सुबह एनजीओ और शिवसैनिकों ने डक्का घाट पर ट्रेक्टर में ही कृत्रिम तालाब का निर्माण किया। इसमें कानबाई माता का जलाभिषेक किया गया।
अभियान के दौरान ८.५६ लाख का टीकाकरण
मनपा प्रशासन ने मीजल्स रुबेला अभियान चला कर एक माह के दौरान ८५६६५१ बच्चों का टीकाकरण किया। केंद्र सरकार की योजना पर अमल करते हुए मनपा प्रशासन ने १६ जुलाई से मीजल्स और रुबेला टीकाकरण अभियान चलाया था। पोलियो की तर्ज पर १९ अगस्त तक चलाए गए अभियान के दौरान मनपा संचालित और निजी स्कूलों समेत आंगनवाडियों में जाकर नौ माह से १५ साल तक के बच्चों का टीकाकरण किया गया। मनपा प्रशासन ने शहर में ११,८२,०७२ बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया है। एक माह के दौरान ९० फीसदी बच्चों का टीकाकरण कर लिया गया। शेष बचे बच्चों का आगामी दिनों में टीकाकरण किया जाएगा।
Published on:
20 Aug 2018 10:38 pm
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