
निजी आइडी से टिकटों की कालाबाजारी, छापे में एक और एजेंट को धर दबोचा
सूरत.
दीपावली वेकेशन के दौरान रेलों के टिकटों की कालाबाजारी धड़ल्ले से चल रही है। रेलवे सुरक्षा बल अपराध शाखा की टास्क फोर्स कई दिनों से निजी आइडी से इ-टिकट बनाकर ऊंचे दाम पर बेचने वाले एजेंटों पर छापे की कार्रवाई कर रही है। सोमवार को रांदेर रामनगर क्षेत्र में साक्षी गिफ्ट एंड वॉच नाम की दुकान पर छापे की कार्रवाई कर एक और इ-टिकट एजेंट को गिरफ्तार किया गया। उसके पास करीब 2.80 लाख रुपए के 121 इ-टिकट बरामद हुए।
दीपावली अवकाश के दौरान ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। सूरत समेत दक्षिण गुजरात में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में बाहर जाते हैं। लोग कन्फर्म टिकट की जुगाड़ में लगे हुए हैं। इ-टिकट एजेंट कन्फर्म टिकट के लिए मनमानी वसूली कर रहे हैं। सूरत रेलवे सुरक्षा बल अपराध शाखा के निरीक्षक अरुण कुमार को रांदेर क्षेत्र में इ-टिकट एजेंट द्वारा निजी आइडी से टिकट बनाने की जानकारी मिली थी।
सोमवार को रेलवे सुरक्षा बल की टास्क फोर्स के सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार, सुनील सिंह, कांस्टेबल मुकेश सिंह, सुधीर कुमार, अजय पटेल ने रांदेर रामनगर में साक्षी गिफ्ट एंड वॉच नाम की दुकान पर छापे की कार्रवाई की। वहां रामचन्द्र वटवणी (34) को गिरफ्तार किया गया। दुकान से 121 इ-टिकट बरामद हुए। लेपटॉप, आइडी, विजिटिंग कार्ड, ऑर्डर बुक समेत अन्य कई दस्तावेज जब्त किए गए।
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि रामचन्द्र के पास आइआरसीटीसी का लाइसेंस भी मिला है। इससे पहले पूणागाम में सांई मोबाइल नाम की दुकान पर छापे की कार्रवाई में गिरफ्तार इ-टिकट एजेंट संदीप भुवनेश्वरी भारती (32) के पास भी आइआरसीटीसी का लाइसेंस था। बिलीमोरा में शनिवार को की गई छापे की कार्रवाई में गिरफ्तार मुंजल कुमार प्रफ्फुलचंद राय (35) के पास भी आइआरसीटीसी का लाइसेंस मिला था।
इस टास्क फोर्स ने अक्टूबर में छापे की कार्रवाई कर इ-टिकट का कार्य करने वाले 17-18 अनाधिकृत एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इससे शहर में इ-टिकट का कार्य करने वालों में हडक़म्प मच गया है।
अधिकृत एजेंट ही कर रहे हैं वसूली
वेकेशन के दौरान उत्तर भारत की ओर जाने वाली गाडिय़ों, जैसे सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस, उधना-दानापुर एक्सप्रेस, उधना-वाराणसी एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। चार महीने पहले ओपनिंग के समय रेग्यूलर गाडिय़ां फुल हो जाने से यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए काफी मुश्किल हो रही है।
आइआरसीटीसी द्वारा नियुक्त इ-टिकट एजेंट तथा मंडल कार्यालय द्वारा तय किए गए यात्री टिकट सुविधा केन्द्र (वायटीएसके) का कार्य करने वाले एजेंट यात्रियों से मनमानी वसूली करने में जुटे हैं। टास्क फोर्स की कार्रवाई में ज्यादातर एजेंटों के पास आइआरसीटीसी का लाइसेंस मिला है। यह एजेंट निजी आइडी से टिकट बनाकर यात्रियों से मनमानी वसूली कर रहे हैं।
वायटीएसके पर जांच नहीं
रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक दीपावली अवकाश में इ-टिकट एजेंटों को पकडऩे के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। मुम्बई रेल मंडल की ओर दो टास्क फोर्स बनाई गई हैं, जो सबर्वन तथा नॉन सबर्वन क्षेत्र में एजेंटों पर कार्रवाई में जुटी हैं।
सूरत रेलवे सुरक्षा बल अपराध शाखा की टीम की ओर से अक्टूबर में अब तक 17-18 जगह छापे की कार्रवाई की गई, लेकिन किसी वायटीएसके एजेंट के यहां जांच नहीं की गई। वायटीएसके एजेंट के द्वारा धांधली करने के मामले सामने आ चुके हैं। मुम्बई रेल मंडल कार्यालय की ओर से सही दिशा निर्देश नहीं मिलने से सिर्फ इ-टिकट एजेंटों को टार्गेट किया जा रहा है।

Published on:
30 Oct 2018 08:54 pm
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