
CA RESULT : राजस्थान मूल के विद्यार्थियों ने सीए इंटरमीडिएट में गाड़े झंडे
सूरत.
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंटरमीडिएट की परीक्षा में सूरत में बसे राजस्थान मूल के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सूरत और राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। इनमें से कई विद्यार्थी गरीब परिवार से हैं।
डायमंड सिटी और टैक्सटाइल सिटी के नाम से प्रख्यात सूरत अब सीए हब बनता जा रहा है। यहां के विद्यार्थी हर साल सीए के परिणाम में टॉप फिफ्टी में स्थान हासिल कर रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से सीए बनने की उम्मीद लेकर विद्यार्थी सूरत आने लगे हैं। इनमें से कइयों की आर्थिक दशा कमजोर होती है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए सूरत के सीए रवि छावछरिया ने एक प्रोग्राम शुरू किया है। इसके अंतर्गत एक परीक्षा ली जाती है और इसके अंकों के अनुसार विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। इन्हें रहने की सुविधा के साथ सीए की शिक्षा नि:शुल्क दी जाती है। ऐसे ही राजस्थान मूल के विद्यार्थियों ने इस बार इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सीए रवि छावछरिया के मार्गदर्शन में झुंझुंनू के आदित्य कुमावत, उदयपुर के राज ओरडिया, आबु रोड की मासूम अग्रवाल, बीकानेर के नितिक लाखोटिया, चितौड़ के राशमी के रोहित जैन, भीलवाड़ा के शशांक तंबोली, झुंझुंनू के मयंक अग्रवाल, भीलवाड़ा के मुरलीधर सोनी, प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी के हर्ष डाक, राजस्थान की याशिका जैन और विनोद गोयल ने इंटरमीडिएट परीक्षा अच्छे अंक के साथ पास की। इनमें से ज्यादातर विद्यार्थी हिन्दी माध्यम के हैं। इंटरमीडिएट परीक्षा में ऑल इंडिया में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली सूरत की राधिका बेरीवाला भी मूलत: राजस्थान के झुंझुंनू जिले के मुकुंदगढ़ की निवासी है। सीए रवि के मार्गदर्शन में सूरत के गुजराती माध्मय के कई विद्यार्थियों ने भी इंटरमीडिएट परीक्षा पास की है। इनमें ध्रुव राना, यागनिक तालाविया, चार्मी सोनारा, हेलिश राना, ज्योति गोलानी, आकाश पटेल, हितेष खीचडिय़ा, उरदीप कोठिया, सार्थक जीवानी, रवि तालाविया और दिव्या बाचानी शामिल हैं। यह सभी विद्यार्थी गरीब परिवार से हैं और नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर सीए बनने का सपना पूरा कर रहे हैं।
आंखें कमजोर, हौसले बुलंद
सूरत में बसे राजस्थान के पाली जिले के भरुमल परमार के बेटे प्रवीण को आंखों से कम दिखाई देता है। सीए रवि के मार्गदर्शन में प्रवीण ने भी इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। उसका सीए बनने का सपना अब एक परीक्षा दूर है। उसका कहना है कि उसके बड़े भाई देवन्द्र का इंजीनियर बनने का सपना था, लेकिन उसे आंखों से बिल्कुल दिखाई नहीं देता था, इसलिए उसका सपना अधूरा रह गया। वह बीएससी कर रहा है। मुझे कम दिखाई देता है, लेकिन गणित पसंद है, इसलिए मैं सीए बनने का सपना पूरा करना चाहता हूं। घर की आर्थिक दशा खास अच्छी नहीं है। सीए बनकर परिवार की आर्थिक रूप से मदद करना चाहता हूं।
गुजराती माध्यम का भी डंका
इंटरमीडिएट परीक्षा में गुजराती माध्मय के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सीए आदित्य छावछरिया के मार्गदर्शन में गुजराती माध्यम से 12वीं पास करने वाले रुपीन काछडिय़ा ने देशभर में 14वां स्थान हासिल किया। उसे 800 में से 619 अंक मिले। गुजराती माध्यम के विस्मय भिमानी, जिल गाबानी और शुभम नाकरानी ने भी इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने में सफलता हासिल की।
सीकर के नवीन को 28वां स्थान
वेसू के पेनोरमिक क्लास के मार्गदर्शन में सीकर निवासी नवीन अग्रवाल ने इंटरमीडिएट परीक्षा में 800 में से 597 अंक हासिल कर देश में 28वां स्थान हासिल किया।
Published on:
31 Jul 2018 07:38 pm
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