
CHATH PUJA NEWS: सूर्यपुत्री तापी के तट से सूर्यदेव की श्रद्धाभाव से पूजा
सूरत. कार्तिक शुक्ल षष्ठी के मौके पर सूरत समेत दक्षिण गुजरात में बसे उत्तर भारतीय समाज ने बुधवार को छठ पूजा महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। चार दिवसीय लोकपर्व छठ पूजा की पूर्णाहुति गुरुवार सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य देकर किया जाएगा। इससे पूर्व बुधवार शाम अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना करने के लिए हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम तापी नदी के इस्कॉन मंदिर घाट, अम्बाजी मंदिर घाट, नावड़ी घाट, वियर-कम-कॉजवे घाट, छठ सरोवर, कराड़वा तालाब समेत अन्य स्थलों पर उमडा। वहीं, कई श्रद्धालुओं ने घरों से ही संध्याकाल में सूर्यदेव को अघ्र्य समर्पित किया।
उत्तर भारत का चार दिवसीय लोकपर्व छठ पूजा सोमवार को नहाय-खाय के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने शुरू किया था और इसके बाद मंगलवार को खरना किया गया और बाद में व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू किया। निर्जला व्रत का पारणा गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य देकर किया जाएगा और इसके साथ ही चार दिवसीय छठ पूजा महापर्व की पूर्णाहुति हो जाएगी। इससे पूर्व बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना करने के लिए शहर में बसे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के हजारोंं श्रद्धालुओं का हुजूम सूर्यपुत्री तापी नदी के जहांगीरपुरा में इस्कॉन मंदिर घाट, पार्ले पोइंट पर अम्बाजी मंदिर घाट, नानपुरा में नावड़ी घाट, डिंडोली में छठ सरोवर, कराड़वा तालाब समेत तापी नदी के अन्य तट व विभिन्न तालाब की ओर उमड़ पड़ा। सूर्यास्त वेला में नदी घाट व तालाब किनारे श्रद्धा से नत श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ सूर्यदेव की उपासना की और बाद में अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अघ्र्य समर्पित कर षष्ठी मैया की पूजा छठ महापर्व के मौके पर की। वहीं, गुरुवार सुबह उगते सूर्य को तापी नदी के घाट व तालाब किनारे श्रद्धालु अघ्र्य समर्पित कर चार दिवसीय छठ महापर्व की पूर्णाहुति करेंगे।
-अधिकांश घाटों पर सांकेतिक आयोजन
कोरोना महामारी की वजह से लगातार दूसरे साल छठ पूजा महापर्व प्रभावित रहा। हालांकि इस दौरान श्रद्धालुओं के भक्तिभाव में कहीं कोई कमी नजर नहीं आई, लेकिन तापी नदी के किनारे विभिन्न घाटों पर व अन्य तालाब किनारे पूजा आयोजकों की ओर से विशेष इंतजाम नहीं किए गए। श्रद्धालु भी परिवार के साथ बड़ी संख्या में घाटों तक नहीं पहुंचे और व्रतियों के साथ एक-दो जनों ने मौजूद रहकर उनके पूजा कार्यक्रम में सहयोग किया।
-यहां पर यह रहे सक्रिय
बिहार विकास परिषद की ओर से तापी नदी पर जहांगीरपुरा के निकट इस्कॉन मंदिर घाट व वेडरोड स्थित डभोली घाट, बिहार विकास मंडल की ओर से कॉजवे के निकट, श्रीछठ मानव सेवा ट्रस्ट की ओर से डिंडोली स्थित छठ सरोवर समेत अन्य सामाजिक-धार्मिक संगठनों की ओर से तापी नदी के विभिन्न घाट व तालाब किनारे पूजा आयोजन के दौरान सक्रियता बरती। गुरुवार सुबह भी इन सभी स्थलों पर अघ्र्य समर्पण किया जाएगा।
Published on:
10 Nov 2021 06:25 pm
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