
बाल-बाल बचे चलती रिक्शा से गिरे बच्चे
वलसाड. सरीगाम मे एक प्लेग्रुप के दो बच्चों के चलती रिक्शा से गिरने का विडीयो वायरल होने के बाद वाहनों में छात्रों को लापरवाही से ढोने का आरोप सच साबित हो रहा है। निर्धारित से काफी ज्यादा बच्चों को स्कूल ले कर जाने वाले वाहन चालकों पर आरटीओ या स्थानीय पुलिस द्वारा किसी तरह की कार्रवाई न करने से वाहन चालक बच्चों की जान को संकट में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला उस वक्त सरीगाम में सामने आया, जब प्लेग्रुप के बच्चों को ले जा रहे तेज रफ्तार रिक्शा में से दो छोटे बच्चे सड़क पर गिर पड़े। सौभाग्य रहा कि पीछे कोई वाहन तेज रफ्तार से नहीं आ रहा था, जिससे वे बाल-बाल बच गए। चोट लगने के कारण दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। सड़क किनारे लगे सीसी कैमरे में घटना कैद हो गई, जिसमें साफ दिख रहा है कि ब्रेकर और गड्ढे होने के बाद भी रिक्शा चालक तेजी से रिक्शा चला रहा है। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से रिक्शा मे लगने वाली जाली भी नहीं लगी थी। इससे दोनों बच्चे उछलकर सड़क पर गिर गए। पीछे आ रहे बाइक चालकों ने ब्रेक लगाकर बाइक खड़ी की और तुरंत ही दोनों को उठाया।
नहीं होती कार्रवाई
जानकारी के अनुसार हमेशा से जिले में स्कूल वाहनों में ज्यादा संख्या में बच्चों को भरकर ले जाने की शिकायत होती रहती है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई कभी नहीं की गई। रिक्शा और वैन में दस से लेकर 15 बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भरा जाता है। वाहनों में सुरक्षा के लिए जरुरी प्रबंध भी नहीं रहता है, जिससे हमेशा गंभीर घटना की आशंका बनी रहती है। कभी कभार शहर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा आटो रिक्शा चालकों से ज्यादा पैसेन्जर बिठाने के मामले में जुर्माना वसूल लिया जाता है, लेकिन स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना के संबंध में आरटीओ अधिकारी रवि रावलिया को तीन बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
Published on:
13 Aug 2018 09:37 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
