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शहर कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार वृद्धि के विरोध में भारत बंद आज

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सूरत

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Vineet Sharma

Sep 09, 2018

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शहर कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

सूरत. पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शहर कांग्रेस इकाई सूरत में बंद को सफल बनाएगी। यह दावा करते हुए शहर कांग्रेस प्रमुख बाबू रायका ने कहा कि इसके लिए संगठन स्तर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में हो रही वृद्धि को लेकर आम आदमी के लिए मुश्किल पैदा हो रही है। हालिया वृद्धि के बाद पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 80 रुपए के करीब पहुंच गए हैं। गैस और डीजल के दामों में भी पिछले दिनोंं भारी उछाल देखने को मिला। महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। बंद को सफल बनाने के लिए शहर कांग्रेस इकाई ने भी कमर कसी है।

बंद से एक दिन पहले रविवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए शहर कांग्रेस प्रमुख बाबू रायका ने कहा कि महंगाई की मार से आम आदमी त्रस्त है। यूपीए शासन में पेट्रोल-डीजल के दाम जरा बढ़ते थे तो भाजपा प्रदर्शन करने लगती थी। भाजपा शासन में जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर क्रूड के दामों में भारी गिरावट आई है, सरकार इस मंदी का फायदा आम जन के साथ बांटने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम आसमान पर थे, हमने पेट्रोल की कीमत का बैरियर 75 रुपए से पार नहीं करने दिया था। उन्होंने कहा कि एनडीए शासन में पेट्रोल, डीजल, गैस, दाल ही नहीं, रेलवे प्लेटफॉर्म टिकट भी महंगा हो गया। 2014 में जो टिकट 3 रुपए का था, आज 20 रुपए का हो गया है।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नैषध देसाई ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ते हैं तो उसका असर पूरे चक्र पर पड़ता है। पेट्रोलियम के दाम बढऩे से परिवहन से जुड़ी सेवाएं महंगी होती हैं और आम आदमी के लिए मुश्किल खड़ी होने लगती है। यातायात ही नहीं, घर की रसोई का बजट भी गड़बड़ाने लगता है।

संगठन की रविवार को हुई बैठक में बंद को सफल बनाने के उपायों पर चर्चा की गई। बंद के लिए पार्टी ने विभिन्न टोलियां गठित कर लोगों को क्षेत्र के हिसाब से जिम्मेदारियां दी हैं। रायका ने कहा कि बंद शांतिपूर्ण रहेगा। हम लोगों को समझाएंगे कि बेहतर भविष्य के लिए एक दिन कामकाज बंद रखा जाए। साथ ही किसी अनहोनी से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को भी मुस्तैद रहने की सलाह दी है।

बीआरटीएस बसें फिर निशाने पर

बाबू रायका ने कहा कि मनपा प्रशासन को बीआरटीएस और सिटी बसों का संचालन बंद करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि बंद तो शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन इस दौरान समाजकंटकों के लिए बसों को निशाने पर लेना आसान होगा। उधर, बीआरटीएस बसों के संचालन से जुड़े अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं के साथ इस तरह की किसी बातचीत से इनकार किया है। अधिकारियों ने कहा कि बसों को बंद रखने की कोई योजना नहीं है। गौरतलब है कि पाटीदार आंदोलनों के दौरान आंदोलनकारियों ने बीआरटीएस बसों और स्टेशनों को निशाने पर लिया था। हर बार मनपा प्रशासन को बसों का संचालन बीच में रोकना पड़ा, बसों और संपत्ति को हुए नुकसान का बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा।