
कांग्रेस ने गांधी प्रतिमा के समक्ष दिया धरना
सूरत. प्रदेश में पिछले दिनों हुए मूंगफली कांड की हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच कराने की मांग को लेकर शहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया।
पिछले दिनों समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीदने के नाम पर मूंगफली के साथ ही कंकड़-पत्थर और मिट्टी मिले होने का मामला सामने आया था। यह खरीद नाफेड ने विभिन्न सहकारी समितियों के जरिए कराई थी। मामला सामने आने के बाद से कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। आरोप तो यहां तक है कि मूंगफली में मिलावट के लिए बाहर से ट्रकों में कंकड़-पत्थर लाए गए थे। इसके पक्ष में तर्क देते हुए लोगों का कहना है कि सहकारी मंडलियों से खरीदी गई मूंगफली निजी तेल कंपनियों को बेच दी गई और स्टॉक पूरा करने के लिए यह मिलावट कर सरकार को चार हजार करोड़ रुपए का चूना लगा दिया।
कांग्रेस मामला सामने आने के बाद से ही मूंगफली घोटाले की न्यायिक जांच की मांग कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सौराष्ट्र में चार हजार करोड़ रुपए कामूंगफली घोटाला गंभीर और व्यापक है, जिसमें सरकारी खजाने को चूना लगाने वालों को सजा दिलाने के लिए इस मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच करानी चाहिए। उनका कहना है कि सौराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों से सेवा सहकारी मंडलियों ने समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीदी थी, जिसमें मिट्टी, कंकड़ मिलाकर गोदामों में स्टोरेज किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रशासन की संदिग्ध भूमिका रही है।
इस मामले को लेकर जहां विधानसभा में नेता विपक्ष परेश धानाणी राज्यभर में आंदोलन कर रहे हैं, गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने राज्य के सभी 33 जिलों और आठ महानगरों में सोमवार को धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदेश कांग्रेस के समर्थन में शहर कांग्रेस प्रमुख हसमुख देसाई और मनपा में नेता विपक्ष प्रफुल्ल तोगडिया के नेतृत्व में शहर कांग्रेस कार्यकर्ता व पदाधिकारी सोमवार सुबह दस बजे चौक स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष एकत्र हुए। दोपहर 12 बजे तक कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया और भाजपा व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मूंगफली घोटाला मामले की न्यायिक जांच की मांग की।

Published on:
13 Aug 2018 01:17 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
