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सूरत और उधना से नहीं गुजरेगी डीएफसी लाइन

भेस्तान बायपास से गोठान गांव स्टेशन तक बिछाई जाएगीपश्चिमी लाइन का काम मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य

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सूरत और उधना से नहीं गुजरेगी डीएफसी लाइन


संजीव सिंह @ सूरत.

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (पश्चिम) सूरत और उधना स्टेशन से नहीं गुजरेगा। इसकी लाइन भेस्तान बायपास से होकर बनाई जा रही है, जिसका काम मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सचिन से कोसाड तक सिटी का क्षेत्र होने के कारण डीएफसी लाइन को लसकाणा, वालक, भादा और अब्रामा होते हुए गोठान गांव स्टेशन से मिलाया जाएगा। वैतरणा से सचिन के बीच इस लाइन का काम तेजी से चल रहा है। इस सेक्शन में करीब ५४ रेलवे ब्रिज होंगे। इनमें से २७ ब्रिज पर काम पूरा किया जा चुका है।


पश्चिमी डीएफसी में सचिन से वैतरणा सेक्शन का काम मेसर्स एक्सप्रेस फ्रेट कंसोर्शियम द्वारा किया जा रहा है। डीएफसी ट्रेक की लम्बाई १८६ किमी होगी। इसकी लागत करीब २१७१ करोड़ रुपए बताई गई है। फिलहाल काम की भौतिक प्रगति ९.१४ प्रतिशत और वित्तीय प्रगति लगभग ६.६५ प्रतिशत है। दूसरा सेक्शन सचिन से वड़ोदरा तक निर्धारित किया गया है। इसमें डीएफसी लाइन की लम्बाई करीब १३४ किमी रहेगी। इसकी लागत २१५८ करोड़ रुपए बताई गई है।

इस क्षेत्र में भी काम मेसर्स एक्सप्रेस फ्रेट कंसोर्शियम द्वारा किया जा रहा है। इस सेक्शन में पांच बड़े पुलों, 14 छोटे पुलों, 4 बड़े आरयूबी तथा 21 छोटे आरयूबी पर काम चल रहा है। सचिन-वड़ोदरा डीएफसी लाइन में फिलहाल 13.37 प्रतिशत काम हुआ है और 10.22 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। डीएफसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अटेली-फुलेरा सेक्शन पर करीब १९० किमी में सिविल कार्य पूरा हो गया है। इस सेक्शन पर इसी साल २७ मार्च को सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आइआर लोकोमोटिव के साथ ट्रायल भी किया जा चुका है।

मारवाड़ से पालनपुर सेक्शन करीब 207 किमी का है। इसका काम सितम्बर 2019 तक पूरा होना है। 432 किमी के रेवाड़ी-मारवाड़ सेक्शन का काम दिसम्बर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम डीएफसी में गुजरात में 565 किमी की लाइन बिछाई जानी है, जबकि राजस्थान में 567 किमी, महाराष्ट्र और हरियाणा में 177 किमी तथा यूपी में 18 किमी में काम किया जाना है। सूरत में स्टेशन का क्षेत्र बहुत छोटा होने के कारण डीएफसी लाइन को भेस्तान से लसकाणा, वालक, भादा और अब्रामा होते हुए

गोठान गांव स्टेशन तक ले जाया जाएगा।
सूरत के हजीरा विस्तार में कई बड़ी कंपनियां हैं। इनमें रिलायंस, अदानी, एल एंड टी, एस्सार, कृभको आदि शामिल हैं। इन कंपनियों से माल ढुलाई के लिए गोठान गांव स्टेशन से कृभको तक अलग से लाइन बिछी हुई है। डीएफसी को भेस्तान से बायपास कर गोठान गांव स्टेशन से जोडऩे से हजीरा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को माल ढुलाई में आसानी होगी।


रेग्यूलर ट्रेक से अलग है डीएफसी लाइन
रेग्यूलर ट्रेक के मुकाबले डीएफसी पश्चिम को हाइटेक बनाया जा रहा है। रेग्यूलर ट्रेक पर ट्रेन की हाइट 4.265 मीटर होती है, जबकि डीएफसी लाइन के ट्रेक पर ट्रेन की हाइट 7.1 मीटर होगी। डीएफसी ट्रेक पर चलने वाली ट्रेनों के कोच की चौड़ाई 3200 एमएम से बढ़ाकर 3660 एमएम की गई है। फिलहाल मालगाड़ी सिंगल कंटेनर के साथ चलती हैं, डीएफसी लाइन पर डबल कंटेनर के साथ चलेंगी। डीएफसी लाइन पर ट्रेनों की लम्बाई भी 700 मीटर से बढ़ाकर 1500 मीटर की गई है।


मिलेगा स्पेस, बढ़ेगी रफ्तार
फिलहाल स्टेशन के बीच स्पेस सात से दस किमी का है। डीएफसी पर स्टेशन स्पेस ४० किमी रखा गया है। डीएफसी पर चलने वाली मालगाड़ी की लम्बाई और ऊंचाई बढ़ाने के साथ ट्रेक पर प्रत्येक दो किमी पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग की व्यवस्था होगी। अधिकारियों ने बताया कि डीएफसी बनने के बाद रेग्यूलर ट्रेक से मालगाड़ी का भार शिफ्ट हो जाएगा। इससे नई ट्रेनों के लिए स्पेस बढ़ जाएगी।

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