
FEE ISSUE : एफआरसी करती रही प्रपोजल का इंतजार
सूरत.
सूरत जोन की एफआरसी समिति मंगलवार देर रात तक दक्षिण गुजरात के विभिन्न जिलों के स्कूलों के एफिडेविट और प्रपोजल का इंतजार करती रही। समिति को अब तक 400 से अधिक एफिडेविट और 300 से अधिक प्रपोजल मिले हैं।
फीस का विवाद समाप्त नहीं हुआ है। शहर और दक्षिण गुजरात के कई जिलों के स्कूलों ने फीस के साथ कोई समझौता नहीं किया। सरकार के आदेश का बाद भी स्कूलों ने मन मुताबिक फीस वसूली। स्कूलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी और सरकार स्कूलों पर कार्रवाई करने से बचते रहे। सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्कूलों को 31 जुलाई तक एफआरसी के समक्ष प्रपोजल और एफिडेविट जमा करने के निर्देश दिए थे। सूरत जोन की एफआरसी मंगलवार देर रात तक दक्षिण गुजरात के स्कूलों के प्रपोजल और एफिडेविट का इंतजार करती रही। सूरत जोन एफआरसी को शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए 235 और 2018-19 के लिए 317 एफिडेविट, जबकि शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए 198 और 2018-19 के लिए 226 प्रपोजल मिले हैं।
स्कूल एफआरसी के आदेश का पालन नहीं कर रहे
शहर के कई स्कूल एफआरसी के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे स्कूल के खिलाफ एक अभिभावक ने एफआरसी से शिकायत करते हुए तय फीस से अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाया है। पिछले दो शैक्षणिक सत्र से राज्यभर में फीस का मामला गरमाया हुआ है। फीस को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एफआरसी का गठन किया था। एफआरसी के समक्ष स्कूलों ने जो एफिडेविट और प्रपोजल रखे, उनके आधार पर उनकी फीस तय कर दी गई थी। स्कूलों को तय फीस के अनुसार फीस वसूलने का निर्देश दिया गया, लेकिन कई स्कूल आज भी मनमानी फीस वसूल रहे हैं। विद्यार्थियों को एलसी न मिल जाए, इस डर से कई अभिभावक चुप हैं। शहर के स्कूल के खिलाफ अभिभावक ने एफआरसी से जो शिकायत की है, उसमें एफआरसी के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। अभिभावक ने एफआरसी से आग्रह किया है कि स्कूल की ओर से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करवाई जाए।
Published on:
02 Aug 2018 08:51 pm
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