
KNOW HOW ? : थाली में छूटा खाना दुनिया भर की भूख मिटा सकता है !
दिनेश एम.त्रिवेदी
सूरत. पूरी दुनिया में जूठा छोडऩे वाले या इस्तेमाल नहीं होने वाले भोजन दुनिया में भूखमरी का शिकार लोगों की भूख दो बार मिटाई जा सकती है। अधिकतर भोजन की बरबादी दुनिया के विकसित व अमीर देशों में ही होती है लेकिन भारत भी इस मामले में पीछे नहीं है। अगर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जारी आंकड़ों की माने तो भारत में प्रत्येक व्यक्ति सालभर में करीब 50 किलोग्राम भोजन बरबाद करता है। दुनिया भर की बात करें तो यह करीब 121 किलोग्राम है।
भोजन की बरबादी रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए समाजसेवी निलेश जीकादरा ने ‘अन्न बचाओ जीव बचाओ' मुहिम शुरू की है। इसके तहत भोजन की बरबादी रोकने के लिए उन्होंने कुछ समय से विवाह समेत सामूहिक आयोजनों में रिसेप्शन के समय बच्चों के जरिए भोजन के महत्व का संदेश देने का अभियान शुरू किया है। जहां भी सामूहिक भोज के कार्यक्रम होते हैं वहां हम ‘अन्न बचाओ, जीव बचाओ’ का संदेश देते हैं।
वहां बच्चे अपने गले में जागरुकता वाले संदेश की तख्तियां टांग कर खड़े रहते हैं। उनकी इस मुहिम का लोगों पर तुंरत प्रभाव भी पड़ता है वे अपनी थाली में अतिरिक्त भोजन लेने से बचते हैं। पिछले दिनों एक दर्जन बच्चों की मदद से गुर्जर क्षत्रिय कडिय़ा समाज के सामूहिक विवाह समेत कुछ आयोजनों में ऐसा किया। जिसके सुखद परिणाम भी मिले। जो संस्था या आयोजक हमें आमंत्रित करते हैं। हम वहां जाकर जागरुकता का संदेश देते हैं।
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भोजन का बिगाड़ सबसे अधिक विवाह समारोह में :
समाजसेवी निलेश जीकादरा बताते हैं कि भोजन की सबसे अधिक बरबादी विवाह समेत अन्य सामाजिक समारोहों में होती है। कई लोग खासकर महिलाएं बिना सोच- विचार के दर्जनों व्यंजन अपनी थाली में ले लेते हैं, लेकिन उन्हें खा नहीं पाते। फिर वे उन्हें जूठा छोड़ देते हैं। यह सिर्फ भोजन की बरबादी ही नहीं, बल्कि किसान, रसोइये तथा फूड प्रोसेसिंग में लगे उन सभी लोगों की मेहनत का अपमान है, जिनकी वजह से आपकी थाली तक तैयार भोजन पहुंचता है।
यदि पूरी दुनिया में लोग भोजन की बरबादी रोक दें तो भारत ही नहीं, अफ्रीका समेत तीसरी दुनिया में भूखमरी या कुपोषण के शिकार करोड़ों लोगों की जरूरत पूरी हो सकती है। नाइजीरिया में रहने वाले उनके एक मित्र ने बताया था कि यहां एक लीटर पेट्रोल करीब 25 भारतीय रुपयों में उपलब्ध है, लेकिन एक किलोग्राम सब्जी 120 रुपए किलो से कम नहीं मिलती। यहां भोजन बहुत मंहगा है।
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Published on:
17 Dec 2021 05:53 pm
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