5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

रहष्यमय किला, आज तक अनसुलझा है इसकी सुरंगों का राज

किसी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसा दिख रहा यह नजारा सूरत के ऐतिहासिक किले का है। यूं तो शहर में अनेक ऐतिहासिक, धार्मिक स्थल हैं जिनका आकर्षण लोगों को यहां खींच लाता है पर तापी किनारे सूरत के ऐतिहासिक किले की बात ही अलग है।

less than 1 minute read
Google source verification

सूरत

image

deepak deewan

Jun 11, 2021

Fort of Surat Famous fort of gujrat surat ford news surat news hindi

Fort of Surat Famous fort of gujrat surat ford news surat news hindi

सूरत. किसी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसा दिख रहा यह नजारा सूरत के ऐतिहासिक किले का है। यूं तो शहर में अनेक ऐतिहासिक, धार्मिक स्थल हैं जिनका आकर्षण लोगों को यहां खींच लाता है पर तापी किनारे सूरत के ऐतिहासिक किले की बात ही अलग है। सदियों का इतिहास समेटे हुए यह किला वस्तुत: वास्तु कला का बेजोड़ नमूना है। इसे सन १३७३ में बादशाह फिरोज तुगलक ने बनवाया था। तब किला छोटा था। सन १५४० में इसका विस्तार कर इसे बड़े किले में तब्दील करवाया गया। ब्रिटिश काल में भी किले में कुछ निर्माण कराए गए।

मनपा के हेरिटेज स्क्वायर प्रोजेक्ट के तहत किले के रेस्टोरशन का काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत नदी किनारे घंटा घाट, कस्तूरबा गार्डन, राजा घाट, एन्ड्रयूज लाइब्रेरी, पुराना किला, किले के आगे की जगह, गांधी बाग और नदी किनारे के हिस्से को भी शामिल किया गया है। इस किले का एक हिस्सा पहले ही खोला जा चुका है और दूसरे हिस्से को पूरा करने का काम चल रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण हालांकि इसकी रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि अब जल्द ही यह फिर रफ्तार पकड़ेगा।

किले से मिले ब्रिटिश काल के कुछ पोस्टर से पता चलता है कि ब्रिटिश काल में यहां फांसी देने का काम भी किया जाता था। एक अन्य पोस्टर से यह भी पता चला कि तापी नदी से घिरे इस किले तक पहुंचने के लिए पहले एक ड्रॉ-ब्रिज था, जिसे बाद में हटा दिया गया था। खास बात यह है कि इसके कई कमरों में सुरंग होने की बात कही जाती है। ये सुरंगें कहां तक गई हैं, आज तक कोई नहीं जानता।