
patrika
सूरत. गणेश चतुर्थी पर धूमधाम से शहर की सोसायटियों और घरों में विराजे बप्पा ने भक्तों का दस दिन तक आतिथ्य स्वीकार करने के बाद अनंत चतुर्दशी पर विदा ली। गणपति ने अगले बरस फिर आने का वादा किया। भक्तों ने निज धाम को जाते बप्पा को नम आंखों से विदाई दी। इंद्रदेव ने भी भक्तों के साथ शिवनंदन गजानन को भावपूर्ण विदाई दी। बप्पा की विदाई का पल इतना भावुक था कि आसमान भी रो पड़ा। सुबह जमकर हुई बारिश के कारण विसर्जन देर से शुरू हुआ।
गणेश चतुर्थी पर्व पर शहरभर में जगह-जगह गणपति स्थापना की गई थी। घरों से लेकर पांडालों तक विराजे गणपति की भक्तों ने दस दिनों तक सेवा-श्रुषुसा की। अनंत चतुर्दशी पर्व पर श्रृद्धा भाव के साथ भक्तों ने गणपति को विदा किया। इस दौरान रास्तेभर भक्त झूमते-गाते जुलूस की शक्ल में निकले और कृत्रिम तालाबों में विधिपूर्वक विसर्जन किया।
शहर में शाम छह बजे तक 21 तालाबों में 38471 प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका था। विसर्जन प्रक्रिया देर रात तक चलती रही। पांडालों में स्थापित बड़ी प्रतिमाओं को लोगों ने समुद्र में जाकर विसर्जित किया। कई लोगों ने इको फ्रेंडली गणपति की स्थापना की थी और सोसायटियों व घरों में ही उनका विसर्जन किया।
Published on:
12 Sept 2019 07:01 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
