सूरत. अक्सर कहा जाता है कि जिसे राम रखे उसे कौन चखे यानी ईश्वर जिसे बचाना चाहता हो उसे कोई मार नहीं सकता। सूरत में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। डुमस तट पर नहाते समय समुद्र में डूबा एक 14 वर्षीय किशोर 24 घंटे बाद 18 नॉटिकल मील भीतर बीच समुद्र जिंदा मिला। वह समुद्र में विसर्जित की गई एक गणेश प्रतिमा की लकड़ी से बनी फ्रेम के सहारे समुद्र में तैरता रहा।
वहां से गुजर रही नौका में सवार मछुआरों ने उसे सुरक्षित निकाल लिया और नवसारी पहुंचाया। जानकारी के अनुसार गोडादरा नीलम नगर निवासी किशोर लखन देवीपूजक शुक्रवार दोपहर अपनी दादी सविता देवी, छोटे भाई करण (7) व बहन अंजलि (10) के साथ डुमस बीच पर घूमने गया था। दरिया गणेश मंदिर निकट दोनों भाई समुद्र में नहाने के लिए उतरे। लखन व करण गहरे पानी में चले गए और लहरों के साथ खींचते गए।
दादी के शोर मचाने पर लोगों ने करण को निकाल लिया लेकिन लखन आंखों से औझल हो गया। डुमस पुलिस के साथ दमकल टीम भी वहां पहुंच गई। उन्होंने लखन को तट के दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर भीतर तक ढूंढा लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अंधेरा होने पर उन्होंने तलाश बंद कर दी और परिजनों को भी घर भेज दिया।
अगले दिन शनिवार शाम नवसारी की एक नौका में सवार मछुआरों को लखन मिला। मछली पकड़ते हुए सौराष्ट्र की ओर जा रहे मछुआरों की नजर उस पर पड़ी। उसने गणेश प्रतिमा की लकड़ी से बनी फ्रेम पकड़ रखी थी। वह समुद्र के बीच तट से करीब 18 नॉटिकल मील यानी 22 किलोमीटर दूर था।
मछुआरों ने नौका उसके करीब ले जाकर उसे निकाला। वह बदहवास हालत में था। उसे पानी व चाय नाश्ता दिया। लखन ने अपनी पहचान दी तो मछुआरे रसिक टंडेल ने नवसारी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रेसक्यू टीम भेजी जो उसे मछुआरों के धोलाई बंद्रगाह पर ले आई। वह पूरी तरह से स्वस्थ बताया जा रहा हैं फिर कुछ जांचों के लिए उसे नवसारी अस्पताल में भर्ती किया गया है।