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नए इडब्ल्यूएस आवासों के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

सूरत में बनेगा पहला एग्रीकल्चर मार्केट

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सूरत

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Vineet Sharma

Aug 21, 2018

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...इसलिए चारों खाने चित्त हो गया हमारा शहर

सूरत. टेंडर स्क्रूटनी कमेटी (टीएससी) की मंगलवार को हुई बैठक में शहर में अलग-अलग जगह प्रस्तावित ईडब्ल्यूएस आवासों के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिल गई। बैठक में शहर में पहला एग्रीकल्चर मार्केट बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया गया। एजेंडे में शामिल कतारगाम के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी लेक गार्डन में टर्सरी ट्रीटमेंट प्लांट के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखा गया है।

मनपा प्रशासन पूणा में सेलेबल कॉमर्शियल प्लाट पर एग्रीकल्चर मार्केट बनाने जा रहा है। 15 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाले शहर के पहले एग्रीकल्चर मार्केट में 28 छोटे टैम्पो और 20 बड़े टैम्पो को जगह दी जाएगी। इनमें किसान सीधे सब्जियां लाकर यहां बेचेंगे। इसके लिए उनसे किराया वसूल किया जाएगा। इसके निर्माण पर 62.90 लाख रुपए खर्च होंगे। टीएससी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया।

इसके अलावा मनपा प्रशासन शहर में नौ अलग-अलग साइट्स पर 4203 इडब्ल्यूएस आवास और ७६ दुकानें बनाने जा रहा है। इन पर 301 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बैठक में आयुक्त ने कुछ साइट्स पर ठेकेदार से बात कर भाव कम कराने की हिदायत के साथ आवासों के प्रोजेक्ट्स को मंजूर कर लिया। बैठक में कतारगाम के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी लेक गार्डन में एक एमएलडी क्षमता के टर्सरी ट्रीटमेंट प्लांट के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखा गया है। इस प्रोजेक्ट पर अन्य पक्षों के अध्ययन के बाद निर्णय किया जाएगा। मनपा प्रशासन शहर में अन्य गार्डन में इस तरह का प्रयोग कर रहा है, जिसमें आसपास की सोसायटियों का ड्रेनेज पानी टर्सरी ट्रीटमेंट कर गार्डन के काम आएगा। बैठक में एजेंडे में शामिल अन्य प्रस्तावों को मंजूर कर लिया गया।

मोबाइल टावर का लोगों ने किया विरोध

नवसारी. शहर के तीघरा नई वसाहत में निर्माणाधीन जियो मोबाइल कंपनी के टावर का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। इसके खिलाफ नवसारी नगर पालिका के सीओ को ज्ञापन भी सौंपा है। सीओ डीएन गोहिल को सौंपे ज्ञापन में लोगों ने आरोप लगाया है कि टावर लगने से पास स्थित माता जी के मंदिर में आने-जाने में परेशानी होगी। इसके अलावा टावर लगने से स्थानीय लोगों में बीमारी को लेकर भी भय का माहौल है। लोगों ने टावर बंद करवाने की मांग की है। ऐसा न होने पर उन्होंने चेतावनी दी कि स्थानीय लोग आंदोलन को मजबूर होंगे।