
GST NEWS-जीएसटी बना सूरत के व्यापारियों के लिए चिंता का कारण
सूरत
जीएसटी लाने के पहले सरकार का दावा था कि वन नेशन-वन टैक्स और व्यापार को सरल करने के लिए जीएसटी ला रहें हैं। कुछ हद तक उनकी बातें सच भी साबित हुई, लेकिन सूरत के कपड़ा व्यापारियों के लिए वह सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। सूरत के व्यापारियों को पहले आयकर विभाग के नियमों का ही पालन करना पड़ता था, लेकिन अब जीएसटी से जुड़े सभी विभागों का डऱ लगा रहता है।
व्यापारियों का कहना है कि नियम नया है और इसमें कई पेंच हैं। यदि एक भी नियम का पालन करने में चूक हो जाती है तो दंड और पैनल्टी का सामना करना पड़ता है। साथ ही अधिकारी जांच के लिए पहुंच जातें हैं। एक बार जांच शुरू होने के बाद व्यापारियों के लिए नई-नई मुसीबतें शुरू हो जाती है। वह जांच के नाम पर क्या मांगे इसका भय लगा रहता है। एक बार जांच शुरू हो जाए तो व्यापारी पर सवालिया निशान लग जाता है। ई-बे बिल के नाम पर ट्रांसपोर्ट और हाइवे पर वाहनों की चैकिंग के बहाने वाहन रोक लिए जाते हैं और कई बार तो ट्रांसपोर्ट में भी माल जब्त कर लिया जाता है। इसमें भी सुधार आना चाहिए।
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सरकार से उम्मीदें
हमें सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं। जैसे कि आईटीसी-04 रद्द हो और जीएसटी का नियम अटपटा होने से इ-वे बिल और जीएसटी की जांच के बहाने व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाए। कपड़ा व्यापारियों को क्रिएशन पर ध्यान देना पड़ेगा।
मनोज अग्रवाल, प्रमुख, फोस्टा
Updated on:
12 Nov 2019, 8:40 PM IST
Published on:
12 Nov 2019, 8:40 PM IST
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