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सूरत. अंकलेश्वर की विवाहिता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ की दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत के मामले में उच्च न्यायालय ने सास और ससुर के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बचाव पक्ष की ओर से दलील पेश की गई थी कि स्त्री कानून का दुरुपयोग कर ससुराल पक्ष को बदनाम करने के इरादे से झूठी शिकायत की गई है। इसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है।
सूरत शाहपोर निवासी मोहम्मद तबरेज नरमावाला की शादी 23 अक्टूबर 2021 को अंकलेश्वर के रणछोड़राय नगर निवासी इर्शाद अहमद बशीर शेख की पुत्री से हुई थी। शादी के पांच महीने बाद ही पीहर पक्ष के लोग दो दिन का बहाना बनाकर विवाहिता को साथ ले गए। इसके बाद विवाहिता ने ससुराल में लौटने के बजाए ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ पुलिस में दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई। ससुराल पक्ष के लोगों ने शिकायत को झूठा बताते हुए अधिवक्ता अश्विन जोगडि़या और राजेन्द्र जाधव के जरिकए उच्च न्यायालय से शिकायत रद्द करने के लिए गुहार लगाई थी। बचाव पक्ष की ओर से दलील पेश की गई थी कि विवाहिता ने स्त्री संबंधी कानून का दुरुपयोग कर ससुराल पक्ष के लोगों को बदनाम करने के लिए झूठी शिकायत दर्ज करवाई है। कोर्ट की ओर से विवाहिता को नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन विवाहिता कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुई। उच्च न्यायालय ने बचाव पक्ष की दलीलों को ध्यान में रखते हुए सास और ससुर के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
शादी के एक साल बाद ही अंकलेश्वर की विवाहिता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ की शिकायत, बचाव पक्ष ने लगाया आरोप कि स्त्री कानून का हो रहा दुरुपयोग
Published on:
25 Dec 2022 07:50 pm
