
सूरत.
वलसाड स्टेशन पर गुरुवार रात बान्द्रा टर्मिनस-भुज कच्छ एक्सप्रेस में भचाऊ जा रहे लोगों ने एस-3 कोच में दो महिलाओं को शराब के साथ देखकर हंगामा शुरू कर दिया। गश्त कर रहे रेलवे सुरक्षा बल के जवान वहां पहुंचे तो यात्रियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और वर्दी से नेमप्लेट निकालकर अपने पास रख लीं। यात्रियों ने ट्रेन को सूरत स्टेशन पर डेढ़ घंटे से अधिक देर तक रोके रखा। इस मामले में रेलवे पुलिस ने चार और रेलवे सुरक्षा बल ने एक एफआईआर दर्ज की है।
रेलवे पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 22955 बान्द्रा टर्मिनस-भुज कच्छ एक्सप्रेस (गांधीधाम) में गुरुवार रात यात्रियों ने ट्रेन में दो महिला बुटलेगर्स को देखकर ट्रेन में तथा सूरत स्टेशन पर करीब पौने दो घंटे तक हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलने पर मुम्बई से रेलवे सुरक्षा बल के उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त परम शिव और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अनूप शुक्ला सूरत पहुंचे। उन्होंने बताया कि सूरत स्टेशन पर कच्छ एक्सप्रेस गुरुवार रात 9.५५ बजे पहुंची और १० बजे जैसे ही रवाना हुई, यात्रियों ने जंजीर खींचकर ट्रेन रोक दी। यात्रियों ने रेलवे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है कि वलसाड स्टेशन पर एस-3 कोच में शौचालय के पास दो संदिग्ध महिलाएं बैठी थीं। उनके पास शराब की बोतलें मिलीं। ट्रेन में गश्त लगाने वाले रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को बुलाया गया, लेकिन उन्होंने महिलाओं की तलाशी नहीं ली। यात्रियों ने नवसारी स्टेशन पर दोनों महिलाओं को उतारने के लिए कहा, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल ने उन्हें नहीं उतारा। सूरत स्टेशन पर चैन पुलिंग होने पर रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश पांडेय, रेलवे पुलिस निरीक्षक वाय.बी. वाघेला, उप निरीक्षक आर. आई. मंसूरी, रेलवे एलसीबी उप निरीक्षक एम.एम. तलाटी थाने के स्टाफ को लेकर यात्रियों को काबू में करने में लगे थे। यात्रियों के बीच दो-तीन महिलाएं और पांच-छह पुरुष रेल अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं थे। स्टेशन डायरेक्टर सी.आर. गरूड़ा ने भी यात्रियों को समझाने का प्रयास किया। यात्रियों ने करीब पौने दो घंटे ट्रेन रोके रखी। उनकी मांग थी कि रेलवे सुरक्षा बल के जवान और टीसी ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, इसलिए उनको निलम्बित किया जाए। करीब पौने बारह बजे ट्रेन को सूरत से रवाना किया गया।
हंगामे से 15 की ट्रेन छूटी
कच्छ एक्सप्रेस के कुछ यात्रियों ने शराब लेकर सफर कर रही महिलाओं की आड़ में पूरे स्टेशन को हाईजैक कर लिया। रेलवे ने ट्रेन को बार-बार चालू करने का प्रयास किया, लेकिन यात्रियों ने चार-पांच बार चैन पुलिंग कर ट्रेन को रोके रखा। आखिरकार रेलवे ने चैन पुलिंग वाले कोच को आइसोलेट कर ट्रेन को रवाना किया। रेलवे से बहस करने वाले पन्द्रह जनों की ट्रेन छूट गई। बाद में रेलवे ने कच्छ एक्सप्रेस को अंकलेश्वर में 25 मिनट खड़ा रखा और रह गए पैसेंजरों को सीनियर डीएससी राकेश पांडेय ने अंकलेश्वर में ट्रेन में बिठाया। पांडेय कच्छ एक्सप्रेस में वड़ोदरा तक गए, लेकिन यात्रियों ने एफआईआर दर्ज नहीं करवाई थी।
रेलवे पुलिस पर उड़ेली शराब
रेलवे पुलिस निरीक्षक वाय.बी. वाघेला सूरत स्टेशन पर कच्छ एक्सप्रेस को रोके जाने की सूचना मिलते ही थाने के स्टाफ को लेकर प्लेटफॉर्म पर पहुंच गए। उनके साथ उप निरीक्षक आर.आई. मंसूरी और रेलवे एलसीबी उप निरीक्षक एम.एम. तलाटी भी थे। वाघेला और मंसूरी यात्रियों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी कुछ यात्रियों ने शराब की बोतल खोलकर रेलवे पुलिस कर्मियों पर उड़ेल दी। तलाटी ने यात्रियों को समझाने का प्रयास किया तो यात्रियों ने उनका आईडी मांगा और अपने पास रख लिया। इस संदर्भ में एफआईआर दर्ज की गई है।
पांच एफआईआर दर्ज
रेलवे पुलिस ने शराब के साथ गिरफ्तार अंजू हिम्मत वसावा और दर्शना सुरेश कुशवाहा के खिलाफ प्रोहिबीशन के दो मामले दर्ज किए हैं। यात्रियों ने कच्छ एक्सप्रेस को देर तक रोके रखा और विरोध प्रदर्शन किया, इसको लेकर आईपीसी की धारा 332, 186, 403 के तहत रिपोर्ट की गई है। ट्रेन में ड्यूटी कर रहे रेलवे सुरक्षा बल के चार जवान, टीसी और रेलवे पुलिस के जवानों के खिलाफ उचित कार्य नहीं करने को लेकर आईपीसी की धारा 217, 221 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे एक्ट की धारा 141, 146 (बी), 146, 174 (ए) के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
एक दर्जन से अधिक ट्रेनों पर असर
सूरत स्टेशन पर कच्छ एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या एक पर आई थी। ट्रेन रवाना होने के बाद चैन पुलिंग हुई, जिससे ट्रेन के कुछ डिब्बे सिग्नल प्वॉइंट को पार करने के बाद रुक गए। ट्रेन को बिना आगे-पीछे किए अन्य ट्रेक/प्लेटफॉर्म से ट्रेनों को चलाना मुश्किल हो रहा था। कच्छ एक्सप्रेस के पीछे डाउन लाइन पर आने वाली पुणे-इंदौर एक्सप्रेस, मुम्बई सेंट्रल-इंदौर अवंतिका एक्सप्रेस, मुम्बई सेंट्रल-जयपुर गणगौर एक्सप्रेस, मुम्बई-अहमदाबाद लोकशक्ति एक्सप्रेस, मुम्बई-अमृतसर गोल्डन टेम्पल मेल, बान्द्रा टर्मिनस-जयपुर अरावली एक्सप्रेस, बान्द्रा टर्मिनस-दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस को अलग-अलग स्टेशन पर खड़ा किया गया। अप लाइन पर देहरादून एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, गुजरात क्वीन समेत दूसरी ट्रेनों को रोका गया।
Published on:
23 Mar 2018 10:22 pm
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