
सूरत. मनपा मुख्यालय समेत मनपा के नागरिक सुविधा केंद्र और अन्य कार्यालय वित्त वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को देर रात तक खुले रहे। कर विभाग ने जहां वित्त वर्ष के अंतिम क्षणों तक आंकड़े सुधारे वहीं, अन्य विभागीय अधिकारियों ने भी खर्च के संशोधित विवरण अकाउंट विभाग को सौंपे। विभिन्न जोन में नागरिक सुविधा केंद्रों पर भी टैक्स जमा कराने वालों की भीड़ उमड़ी। केपिटल खर्च के मद में आंकड़ा जहां 1600 करोड़ तक पहुंचा, प्रॉपर्टी टैक्स मेें मनपा ने करीब 850 करोड़ की वसूली की।
वित्त वर्ष 2017-18 का अंतिम दिन होने के कारण मनपा मुख्यालय में शनिवार को देर रात तक अधिकारी मौजूद रहे और हिसाब-किताब का मिलान होता रहा। वित्त वर्ष के अंतिम दिन के आखिरी कुछ घंटे गहमा-गहमी का माहौल रहा। कर विभाग के अधिकारी रात 12 बजे के बाद तक टैक्स वसूली के आंकड़ों को संशोधित करते रहे। अन्य विभागीय अधिकारियों ने भी विकास कार्यों के खर्चों का विवरण अकाउंट्स डिपार्टमेंट को सौंपा। मनपा के जोन कार्यालयों में भी कमोबेश यही स्थिति रही। शहर के विभिन्न विस्तारों में संचालित नागरिक सुविधा केंद्रों पर भी लोगों का टैक्स जमा किया गया।
अंतिम दिन प्रॉपर्टी टैक्स के मद में मनपा का आंकड़ा करीब 850 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह आंकड़े देर रात तक सुधारे जाते रहे। बीते वित्त वर्ष में मनपा ने इस मद में करीब 723 करोड़ रुपए की वसूली की थी। कर अधिकारियों ने बताया कि अभी विभिन्न जोनों से आंकड़े आने बाकी हैं। व्हीकल टैक्स में मनपा पहले ही लक्ष्य पार कर चुकी है। 74.20 करोड़ के लक्ष्य के सामने मनपा टीम ने 84.48 करोड़ रुपए व्हीकल टैक्स के मद में वसूल किए। प्रोफेशनल टैक्स के मद में भी मनपा ने अंतिम दिन तक लक्ष्य से अधिक की वसूली कर ली। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए इस मद में 136 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया था जिसे पार कर मनपा ने 140 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की।
केपिटल खर्च में अटके
मनपा प्रशासन केपिटल खर्च के मद में संशोधित लक्ष्य से पहले ठिठकती दिखी। मनपा बोर्ड ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए केपिटल खर्च के आंकड़ों को संशोधित करते हुए 1800 करोड़ रुपए पर सीमित किया था। होली के बाद से मनपा प्रशासन का पूरा फोकस केपिटल खर्च के आंकड़े तक पहुंचने पर था। आयुक्त ने रिव्यू बैठकों में भी नियमित रूप से इसकी समीक्षा की थी। केपिटल खर्च के मामले में मनपा का आंकड़ा करीब दो सौ करोड़ रुपए पहले ही थमता दिख रहा है। रात नौ बजे तक इस मद में करीब 1550 करोड़ रुपए के खर्च का आंकड़ा सामने आया था। अधिकारियों के मुताबिक अंतिम समय तक इसमें मामूली सुधार की उम्मीद है और केपिटल खर्च के मद में आंकड़ा 1600 करोड़ पार कर जाएगा।
Published on:
31 Mar 2018 10:25 pm
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