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MONSOON : अंधड़ के साथ हुई बारिश

शहरभर में दो दर्जन पेड़ उखड़ कर गिर पड़े
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 4 Oct 2018, 7:47 PM IST

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MONSOON : अंधड़ के साथ हुई बारिश

सूरत.

बुधवार दोपहर अचानक अंधड़ के साथ बीस मिनट की झमाझम बारिश ने कुछ देर के लिए सूरत की रफ्तार रोक दी। शहरभर में दो दर्जन पेड़ उखड़ कर गिर पड़े। खटोदरा जीआइडीसी में शिवराम मिल-2 की चिमनी भी अंधड़ से गिर गई। किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।
मानसून के सुस्त पडऩे के बाद कई दिन से तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया था। मौसम विभाग ने फिलहाल मानसून की विदाई की घोषणा नहीं की है। गर्मी से त्रस्त सूरत को बुधवार दोपहर थोड़ी राहत मिली। बिजली की कड़कड़ाहट और अंधड़ के साथ कई इलाकों में कुछ देर बारिश हुई। सेंट्रल जोन में 14, वराछा जोन में 1, कतारगाम जोन में 10, लिम्बायत जोन में 8, अठवा जोन में 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। अंधड़ के कारण विभिन्न इलाकों में 25 पेड़ गिर गए। अचानक तेज बारिश शुरू होने से कई लोगों ने ओवर ब्रिज के नीचे शरण ली। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम के हालात भी पैदा हुए।
इस साल मानसून सामान्य रहने की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन सूरत में जून, अगस्त और सितम्बर में बहुत कम बारिश हुई। कैचमेंट विस्तार में भी कम बारिश के कारण उकाई डेम का लेवल 318.6 मीटर तक ही पहुंच पाया है। जून में 201 मिमी बारिश ही हुई। जुलाई में 755 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मानसून कमजोर पड़ गया। अगस्त में 219 और सितम्बर में मात्र 104 मिमी बारिश दर्ज की गई।

सूरत में मानसून कमजोर

इस साल अब तक सूरत में मानसून कमजोर रहा है। मौसम विभाग की मानसून सामान्य रहने की भविष्यवाणी पर किसानों के साथ सभी ने राहत की सांस ली थी, लेकिन मानसून कमजोर रहने के कारण चिंता बढऩे लगी है। पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक कम बारिश हुई है। उकाई के कैचमेंट विस्तार में कम बारिश के कारण उकाई बांध का लेवल भी पिछले साल के मुकाबले कम है।
इस साल गर्मी की शुरुआत में ही शहर का तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया था। मार्च और अप्रेल में पारा 40 डिग्री के पार चला गया। गर्मी से बेहाल लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की थी कि हर साल की तरह इस बार भी जून के दूसरे सप्ताह में शहर में मानसून दस्तक दे देगा। पिछले पांच साल में शहर में 8 जून से 15 जून के बीच मानसून का आगमन हुआ था, लेकिन इस साल मानसून लेट हो गया और 21 से 25 जून के बीच सूरत पहुंचा। कारण यह बताया गया कि अरब सागर के मानसून को सपोर्ट करने वाला सिस्टम बंगाल की खाड़ी में विकसित नहीं हो पाया। इससे इसके दक्षिण गुजरात आने में देर हुई। मानसून की शुरुआत में शहर और दक्षिण गुजरात में रुक-रुककर बारिश हुई। पिछले साल के मुकाबले इस साल जून में शहर में कम बारिश हुई। पिछले साल जून में शहर में 302.6 मिमी बारिश हुई थी, जबकि इस साल जून में 201 मिमी ही हुई। जुलाई में मानसून ने रफ्तार पकड़ी और जमकर बारिश हुई। जून की कसर जुलाई में पूरी हो गई। मौसम विभाग के अनुसार शहर में जुलाई में 753 मिमी बारिश हुई। पिछले साल जुलाई में 355.2 मिमी बारिश हुई थी। जुलाई की बारिश ने सभी को खुश कर दिया। लगा था कि मानसून अब सक्रिय रहेगा, लेकिन बारिश पर ब्रेक लग गया। अगस्त में अब तक सिर्फ रिमझिम हुई है। सावन अब तक झूमकर नहीं बरसा है। 13 अगस्त तक शहर में मात्र 29 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि पिछले साल अगस्त में 383.9 मिमी बारिश हुई थी। उकाई के कैचमेंट विस्तार में भी कम बारिश हुई है। इससे पिछले साल के मुकाबले इस साल उकाई डेम कम भर पाया है। पिछले साल 13 अगस्त तक उकाई डेम का लेवल 316.29 मीटर तक पहुंच गया था। इस साल 13 अगस्त तक यह लेवल 300.36 मीटर तक ही पहुंचा है। आने वाले दिनों में भी बारिश के यही हाल रहे तो दिक्कत हो सकती है।

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