
सूरत. सूरत की फीस रेग्युलेटरी कमेटी (एफआरसी) के समक्ष 400 से अधिक स्कूलों ने फीस के बारे में प्रपोजल जमा कर दिए हैं। स्कूलों के प्रपोजल और एफिडेविट के आधार पर कमेटी फीस के बारे में निर्णय करेगी। कमेटी का दावा है कि उसने अब तक 1400 स्कूलों के फीस के मामले सुलझा दिए हैं।
एफआरसी ने स्कूलों को 21 मार्च तक फीस प्रपोजल और एफिडेविट जमा करने का निर्देश दिया था। सूरत, नवसारी, वलसाड, तापी, डांग, भरुच और नर्मदा जिले के 413 स्कूलों ने एफआरसी के समक्ष प्रपोजल और एफिडेविट जमा कर दिए हैं। इन प्रपोजल और एफिडेविट पर एफआरसी की बैठक में चर्चा होगी। बैठक में स्कूलों की प्रोविजनल फीस और फीस तय की जाएगी। कमेटी इसके अनुसार स्कूलों को फीस वसूलने का आदेश देगी। कमेटी का आदेश मान्य नहीं होने पर स्कूल कमेटी से पुनर्विचार की गुजारिश कर सकते हैं। फिलहाल फीस के मामले पर स्कूलों और अभिभावकों के बीच विवाद चल रहा है। कमेटी जल्द फैसला सुनाए तो विवाद का अंत हो सकता है।
मामला निपटाने की मांग
अभिभावक एफआरसी से जल्द मामला निपटाने की मांग कर रहे हैं। शहर में फीस के मामले को लेकर कई स्कूलों के सामने अभिभावक विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। उनका आरोप है कि एफआरसी और जिला शिक्षा अधिकारी, दोनों इस मामले में धीमी गति से कार्य कर रहे हैं। स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी नहीं की जा रही है।
संचालक कर रहे हैं मनमानी
इसलिए स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं और अभिभावकों पर फीस भरने का दबाव बना रहे हैं। दूसरी तरफ एफआरसी का कहना है कि उसने अब तक 1400 स्कूलों के मामलों को सुलझा दिया है। स्कूलों के एफिडेविट पर चर्चा कर उन्हें नियमानुसार फीस वसूलने का आदेश दिया गया है। जिन स्कूलों को आदेश दिया गया है, वहां से फीस के मामले में नया विवाद सामने नहीं आया है।
Published on:
22 Mar 2018 08:26 pm
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