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हे मां जगदम्बे, सुख-शांति देकर पूरी करें सबकी मनोकामनाएं

चैत्र नवरात्र पर भक्ति का दौर तेज, कई त्योहार एक साथ मनाए, जगह-जगह हुए विविध कार्यक्रम......

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सूरत. नववर्ष की शुरुआत के साथ ही शहर के मंदिरों और घरों में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के दौर शुरू हो गए हैं। आद्यशक्ति मां जगदम्बा की आराधना के नवरात्र पर्व को मनाने के लिए लोग कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। इससे पहले नवरात्र के आगाज के साथ ही रविवार को कई त्योहार एक साथ मनाए गए। इनमें नववर्ष, गौतम जयंती, गुडीपड़वा, चेटीचंड शामिल हैं। चैत्र नवरात्र पर्व की शुरुआत पर मां जगदम्बा के दर्शन के लिए पार्ले प्वॉइंट में अम्बाजी मंदिर , बालाजी रोड पर जूना अम्बाजी मंदिर, परवत पाटिया में भक्तिधाम मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर सुबह से श्रद्धालुओं की कतार नजर आई। मंदिरों में पूजन-दर्शन का दौर शाम तक चला। चैत्र नवरात्र के अवसर पर आठ दिवसीय शक्तिपर्व के दौरान सहस्रचंडी महायज्ञ, चंडीपाठ, दुर्गासप्तशती पाठ समेत कई आयोजनों की शुरुआत शहर में अलग-अलग स्थलों पर की गई।


दिव्य शक्ति ? की जय गूंजी


चैत्र नवरात्र के अवसर पर शक्तिपुंज सेवा ट्रस्ट की ओर से पांच दिवसीय शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत रविवार सुबह घट स्थापना और ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ घोड़दौड़ रोड पर अमीकुंज सोसायटी के प्लॉट नं 8 में की गई। ट्रस्ट के मुकेश गुरुजी के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिदिन पूजन सुबह 9 से 11 बजे तक, पाठ दो सत्र में एवं हवन शाम सवा छह से सवा आठ बजे तक होगा। पूर्णाहुति पर कन्या पूजन और महाप्रसादी के आयोजन होंगे।


वैष्णोद्वार पहुंचे श्रद्धालु


सिटीलाइट के वैष्णोद्वार में चैत्र नवरात्र के अवसर पर मां वैष्णोदेवी की पूजा-आराधना शुरू की गई। मातारानी के शृंगारित दरबार में सुबह श्रेष्ठ मुहूर्त में विप्रजनों के दल ने मां वैष्णोदेवी की आराधिका माताजी के सानिध्य में सामूहिक स्वस्तिवाचन से सहस्रचंडी महायज्ञ की शुरुआत की। वैष्णोद्वार में श्रद्धालुओं का दर्शन और आहुति के लिए आने का क्रम लगा रहा। शाम को आरती में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।


यज्ञवेदी में आहुतियां


उधना में खरवरनगर के निकट दक्षिणाभिमुखी शनि-हनुमान मंदिर आश्रम में चैत्र नवरात्र के उपलक्ष में स्वामी विजयानंददास महाराज के सानिध्य में पंचकुंडीय महायज्ञ की शुरुआत सुबह मंत्रोच्चार के साथ की गई। विभिन्न देवी-देवताओं के आह्वान और स्थापना के बाद श्रद्धालुओं ने यज्ञवेदी में आहुतियां दीं। सुबह और शाम दो सत्र में आयोजित महायज्ञ के दौरान कई आयोजन होंगे। शाम को महाआरती और प्रवचन होंगे।