
‘भीड़ में यूॅं न छोड़ो मुझे, घर लौट के भी ना आ पाऊंगा मॉं ’
सूरत.लावारिस हालत मिले नवजात बालक के मन की गहराइयों शायद यहीं भाव होगा कि ...भीड़ में यूॅं न छोड़ो मुझे, घर लौट के भी ना आ पाऊंगा मॉं..मेरी मां...तुझे सब है पता... मेरी मां।
हिन्दी फिल्म ‘तारे जमीं पर’ का यह गीत गोडादरा क्षेत्र से मंगलवार को मिले नवजात की मनोस्थिति पर एक दम फिट बैठता है। क्योंकि कुछ देर बात उसी क्षेत्र में मिली प्रसूता युवती उसे जन्म देने से साफ इनकार कर रही है।
दोनों फिलहाल स्मीमेर अस्पताल में भर्ती है। जानकारी के अनुसार मिडास स्क्वेर के पीछे मंगलवार शाम को लावारिस हालत में नवजात बालक पाया गया। लोगों ने उसे देखा तो वहां भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर 108 एम्बुलेंस पहुंची और नवजात को स्मीमेर अस्पताल पहुंचाया। कुछ समय बाद मिडास स्क्वेयर के पीछे प्रियंका सोसायटी से ही 108 एम्बुलेंस को 25 वर्षीय युवती कॉल आया।
उसने बताया कि उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब है, बेहोशी सी छा रही है। एम्बुलेंस ने उसे भी स्मीमेर अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों घटनाओं की सूचना मिलने पर गोड़ादरा पुलिस अस्पताल पहुंच गई।
पुलिस को डॉक्टरों से पता चला कि नवजात के बाद जो युवती लाई गई थी, उसकी प्रसूति हुई थी। युवती के होश में आने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने नवजात बालक उसका होने से मना कर दिया।
पुलिस ने मौके पर छानबीन की तो पता चला कि वहीं पर प्रसूति हुई थी और फिर नवजात को जन्म देने वाली मां उसे छोड़ कर कहीं चली गई थी। पुलिस ने शक के दायरे में आई युवती को नामजद कर मामला दर्ज कर लिया है।
काउन्सलिंग व डीएनएस से होगा खुलासा
पुलिस ने बताया कि युवती अविवाहित है। उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। गोड़ादरा क्षेत्र में उसका भाई रहता है, लेकिन वह स्थाई रूप से उसके साथ नहीं रहती है। कभी कभार आती है।
प्रथमदृष्ट्या तो ऐसा ही लग रहा है कि नवजात को उसी ने जन्म दिया और फिर किन्ही कारणों से उसने छोड़ दिया। बदनामी के डर से वह इस बात को स्वीकार नहीं कर रही है।
पुख्तातौर पर कुछ भी कह पाना मुश्किल है। बच्चे का डीएनए टेस्ट करवाने की कवायद शुरू कर दी गई है, साथ ही युवती की काउन्सलिंग करवाने के प्रयास भी जारी है।
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Published on:
23 Feb 2023 04:57 pm
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