
रिटर्न फाइल नहीं की, चालीस हजार व्यापारियों को नोटिस
सूरत
जीएसटी का रिटर्न फाइल नहीं करने वाले सूरत शहर समेत दक्षिण गुजरात के 40 हजार व्यापारियों को जीएसटी विभाग ने नोटिस देकर कारण पूछा है। नोटिस का जवाब नहीं देने पर उनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर रद्द कर दिया जाएगा।
जीएसटी विभाग के सूत्रों के अनुसार दक्षिण गुजरात में लगभग तीन लाख व्यापारी स्टेट जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं। जीएसटी का एक साल बीत जाने के बाद भी कई व्यापारी जीएसटी रिटर्न-3बी और जीएसटीआर-1 फाइल नहीं कर रहे है। इससे उनसे माल खरीदने या बेचने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी के नियम के अनुसार जीएसटी में रजिस्टर्ड कोई व्यापारी लगातार छह महीने रिटर्न फाइल नहीं करे तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाता है। विभाग ने ऐेसे 40 हजार व्यापारियों को नोटिस दिया है। इन्हें रिटर्न फाइल नहीं करने का कारण बताना होगा। यदि कारण उचित रहा तो इनका नंबर जारी रहेगा, नहीं तो रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। बाद में उनके खरीद-बिक्री के हिसाब का एसेसमेंट किया जाएगा और टैक्स वसूला जाएगा।
राजद्रोह मामले की सुनवाई टली
पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के समन्वयक हार्दिक पटेल के अस्वस्थ होने के कारण गुरुवार को सेशन कोर्ट में पेश नहीं हो पाने से राजद्रोह मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर तक टल गई।
पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल के खिलाफ अमरोली थाने में राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। चार्जफ्रेम की कार्रवाई के बाद मामला सुनवाई के लिए सेशन कोर्ट में लंबित है। गुरुवार को मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन हार्दिक के अधिवक्ता यशवंत वाला ने बताया कि अस्वस्थ होने के कारण हार्दिक कोर्ट में पेश नहीं हो पाए। न्यायाधीश के भी छुट्टी पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। कोर्ट ने अब सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर का दिन तय किया है। गौरतलब है कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल ने पुलिस के खिलाफ कथित भडक़ाऊ बयान दिया था। इसको लेकर पुलिस ने उसके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। इस मामले में हार्दिक समेत तीन जने अभियुक्त हैं।
Updated on:
20 Sept 2018 09:10 pm
Published on:
21 Sept 2018 07:04 am
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
