6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मांगों को लेकर नर्सिंग स्टाफ की रैली 22 नवम्बर को

प्राइवेट नर्सिंग होम एक्ट मूवमेंट फोरम की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन

2 min read
Google source verification
file

मांगों को लेकर नर्सिंग स्टाफ की रैली 22 नवम्बर को

सूरत. निजी और सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ के कथित शोषण तथा मांगों को लेकर प्राइवेट नर्सिंग होम एक्ट मूवमेंट फोरम की अगुवाई में नर्सिंग स्टाफ 22 नवम्बर को रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन करेगा।


फोरम के चैयरपर्सन इकबाल कड़ीवाला और कॉ-चैयरपर्सन विपुलसिंह चावड़ा ने विज्ञप्ति में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केन्द्र सरकार की ओर से नर्सिंग स्टाफ के वेतन को लेकर पॉलिसी बनाई गई है, जिसके तहत सरकारी और निजी, दोनों जगह नर्सिंग स्टाफ का वेतन 20 हजार रुपए से कम नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद नर्सिंग स्टाफ का शोषण किया जा रहा है। कई बार सरकार के समक्ष बात रखने के बावजूद कोई निर्णय नहीं किया जा रहा है। कई अस्पतालों में डिग्री बिना लोगों को नर्सिंग स्टाफ के तौर पर रखा जाता है। इसे लेकर कानून बनाने की मांग की गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। नर्सिंग स्टाफ के 500 से अधिक लोग 22 नवम्बर को न्यू सिविल अस्पताल के गेट से कलक्टर कार्यालय तक रैली निकाल कर विरोध जताएंगे और कलक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।



फैशन डिजाइनर जहान्वी के दिल से लालजी को मिली नई जिंदगी


सूरत. ब्रेन डेड घोषित फैशन डिजाइनर जहान्वी पटेल के परिजनों ने उसके हृदय, किडनी और लीवर का दान कर छह लोगों को नई जिंदगी दी। हृदय 107 मिनट में सूरत से मुंबई ले जाया गया, जिसे सूरत निवासी लालजी गेडिय़ा नाम के युवक में ट्रांसप्लांट किया गया।


डोनेट लाइफ के प्रमुख नीलेश मांडलेवाला ने बताया कि वेसू में स्वास्तिक विहार अपार्टमेंट निवासी तेजस दिलीपकुमार पटेल की पुत्री जहान्वी (21) फैशन डिजाइनर थी। 17 नवम्बर को कार की डिक्की से गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट पहुंची। निजी अस्पताल में पता चला कि उसके सिर में मल्टीपल फ्रैक्चर हुए हैं। 19 नवम्बर को न्यूरो सर्जन डॉ.अशोक पटेल और न्यूरो फिजिशियन डॉ.अनिरुद्ध आप्टे ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। मांडलेवाला ने उसके परिजनों को अंगदान के बार में बताया। परिजन उसका हार्ट, किडनी, लीवर और चक्षु दान करने के लिए तैयार हो गए। चिकित्सकों की टीम 107 मिनट में जहान्वी का हृदय मुंबई ले गई। वहां इसे सूरत के लालजी खोड़ा गेडिया (26) में ट्रांसप्लांट किया गया। एक किडनी अहमदाबाद निवासी नरेश राजपरा (47) और दूसरी झारखंड निवासी राकेशकुमार चंद्रमदन झा (42), जबकि लीवर अहमदाबाद निवासी जिज्ञा विजय पटेल (47) में ट्रांसप्लांट किया गया। गौरतलब है कि सूरत से हृदय का यह 21वां दान है। अब तक सूरत से 281 किडनी, 115 लीवर, 6 पेंक्रियाज और 230 चक्षुओं का दान किया जा चुका है।