
ओलपाड के दरिया किनारे तीन डूबे
सूरत.
सूरत जिले की ओलपाड तहसील में डभेरी गांव के दरिया में रविवार दोपहर तीन जने डूब गए, जबकि चार जनों को लोगों ने बाहर निकाल लिया। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने देर रात तक तीन जनों की खोजबीन की, लेकिन उनका अता-पता नहीं चला।
ओलपाड पुलिस और दमकल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ओलपाड तहसील के नरथाण गांव निवासी अजय सज्जन सिंह लोदी (१९), परिमल सिंह राम अवतार लोदी (२१), राजेश सिंह अजन सिंह लोदी (२१), मुकेश सिंह अभिलाख लोदी (२०), महिपाल जयसिंह लोदी, नीलकंठ बिधनाथ लोदी, प्रदीप जयसिंह लोदी नरथाण गांव के मिलेनियम स्कूल में रसोई का कार्य करते हैं। यह सभी रविवार को छुट्टी पर ओलपाड डभेरी गांव के दरिया किनारे घूमने गए थे। दरिया में भरती का पानी बढऩे के कारण जलस्तर बढ़ गया और नहा रहे लोग पानी में डूबने लगे। लोगों ने चार जनों को बचा लिया, जबकि तीन जने अजय सज्जन सिंह लोदी (१९), परिमल सिंह राम अवतार लोदी (२१), राजेश सिंह अजन सिंह लोदी (२१) डूब गए। सूरत दमकल विभाग की टीम ने रात पौने आठ बजे तक दरिया में तीनों जनों की तलाश की, लेकिन कोई मिला नहीं। दमकल विभाग ने रात को तलाशी अभियान रोक दिया। पुलिस ने बताया कि यह सभी लोग मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
भरती के पानी से खतरा
सूरत के नजदीक समुद्र किनारे घूमने के लिए लोग डूमस, सुवाली और ओलपाड तहसील के कई गांवों में पहुंचते हंै। समुद्र में शाम को भरती का पानी बढ़ता है। लोगों को इसका पता नहीं चल पाता और ऐसे हादसे होते हैं। सुवाली और हजीरा पट्टी में कई लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं।
मामूली विवाद में प्रौढ़ की गई जान, तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
बारडोली. महुवा तहसील के भगवानपुरा गांव में मामूली बात को लेकर हुए पड़ोसियों के विवाद में ५५ वर्षीय प्रौढ़ की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में पिता और उसके पुत्रों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। वहीं मृतक और उसके पिता के खिलाफ भी हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवानपुरा गांव के टेकरी फलिया निवासी सुरेश उर्फ शैलेश मंगा कोंकणी (५५) मजदूरी करता था। शुक्रवार दोपहर को सुरेश गांव में ही मजदूरी के लिए गया था। शाम 4 बजे घर वापस लौटने पर पड़ोसी किशन हसमुख कोंकणी और जनक हसमुख कोंकणी के लड़के हल्ला कर रहे थे। सुरेश ने उनको आवाज नहीं करने के लिए कहा। इस बात को लेकर दोनों पड़ोसियों में कहासुनी हो गई। बाद में देर रात को सुरेश घर में सो रहा था। इसी दौरान जनक, किशन और उसके पिता सुरेश के घर पहुंच सुरेश की पिटाई कर दी। दोनों के बीच हुए झगड़े में बीच बचाव करने पहुंचे सुरेश के भाई रमेश की भी तीनों ने मारपीट की। उधर सुरेश और रमेश ने भी किशन और उसके पिता हसमुख पर लकड़ी से हमला किया, जिसमें हमसुख गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे भी नवसारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, घायल सुरेश को पहले महुवा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद परिजनों ने अपने रिश्तेदार के यहां व्यारा ले गए, जहां उल्टी होने के बाद सुरेश (५५) की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जनक, किशन और हसमुख के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। वहीं, हसमुख की हत्या के प्रयास में जनक की पत्नी जशु ने रमेश और सुरेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की है।

Published on:
20 May 2018 10:20 pm
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