
स्वाइन फ्लू से एक की मौत, पांच नए पॉजिटिव मरीज
सूरत.
शहर में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले चौबीस घंटे में पांच और स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज सामने आए, जबकि एक मरीज की मौत हो गई। इस सीजन में अब तक शहर में स्वाइन फ्लू के 33 मरीज मिले हैं।
अहमदाबाद और राजकोट के बाद अब सूरत शहर में भी स्वाइन फ्लू ने पैर पसार लिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के नोडल ऑफिसर डॉ. कमलेश उपाध्याय ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और महानगर पालिका स्वास्थ्य विभाग को सतर्क किया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाने तथा जरूरी दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच के निर्देश दिए। स्वाइन फ्लू के मरीजों की जानकारी प्रतिदिन गांधीनगर भेजने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
गुरुवार को महानगर पालिका स्वास्थ्य विभाग ने तकनीकी खामी का हवाला देते हुए स्वाइन फ्लू के मरीजों की रिपोर्ट जारी नहीं की थी। मनपा स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चौबीस घंटे में पांच नए स्वाइन फ्लू मरीजों की पहचान हुई है। अठवा जोन में पीपलोद क्षेत्र निवासी 47 वर्षीय महिला, पूर्व जोन में सरथाना योगी चौक क्षेत्र निवासी 28 वर्षीय महिला, उत्तरी जोन में अमरोली उत्राण क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति, लिम्बायत जोन में गोडादरा क्षेत्र निवासी ६२ वर्षीय व्यक्ति तथा नीलगिरी क्षेत्र निवासी 11 माह के बच्चे की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
चौक बाजार डभोली क्षेत्र निवासी 68 वर्षीय वृद्ध की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इलाज के दौरान गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई। मनपा के डिप्टी हेल्थ कमिश्नर डॉ. आशीष नायक ने बताया कि वृद्ध को स्वाइन फ्लू के अलावा हाइपरटेंशन बीमारी होने की भी जानकारी मिली है। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस ने मेडिको लीगल केस (एमएलसी) दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाया।
फिलहाल शहर के अलग-अलग अस्पतालों में पंद्रह मरीज भर्ती हैं। इनमें नौ मरीजों की हालत स्थिर है। दो मरीज वेंटिलेटर पर हैं। दो मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई।
वेंटिलेटर बंद होने का आरोप
डभोली हरिनगर निवासी स्वामीनाथ चंद्रनारायण मिश्रा (६८) को 18 सितम्बर को सगरामपुरा के गिरीश ग्रुप अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। गुरुवार देर रात उसकी मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उसके पुत्र मनमोहन ने न्यू सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम रूम के बाहर बताया कि वेंटिलेटर बंद होने से उसके पिता की मौत हुई।
चिकित्सकों को जानकारी देने के बाद भी सही उपचार नहीं हुआ। अस्पताल के डॉ. राजन शाह ने बताया कि मरीज आठ-दस दिन से भर्ती था और उसकी हालत गंभीर होने की जानकारी परिजनों को दी जा रही थी। पुलिस ने परिवार के आरोप के कारण एमएलसी केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाया।

Published on:
28 Sept 2018 09:01 pm
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