
PARTHIV PATEL : बारह साल की उम्र में मुंबई के खिलाफ बनाए थे 90 रन
दिनेश एम. त्रिवेदी
सूरत. कोई आंकड़े तो उपलब्ध नहीं है, लेकिन पार्थिव पटेल के लिए सूरत का लालभाई कांन्ट्रेक्टर स्टेडियम लकी रहा। यहां उसका निजी प्रदर्शन भी अच्छा रहा और उसकी कप्तानी में गुजरात ने कई महत्वपूर्ण मैच व खिताब जीते। सूरत में ही वह 100वां रणजी मैच खेलने वाला पहला गुजराती क्रिकेटर भी बना। पत्रिका से बातचीत के दौरान सूरत डिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े डॉ. निमेष देसाई ने बताया कि पार्थिव ने गुजरात की ओर से अंडर-14 में मुंबई के खिलाफ पहला मैच सूरत में खेला था।
उसने मुंबई के खिलाफ करीब 90 रन बनाए थे। उस समय पार्थिव की उम्र महज 12 साल थी और मैं टीम के चयनकर्ताओं में से एक था। उसके इस प्रदर्शन से सब चौंक गए थे। उसके बाद उसने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी समेत कई प्रथमश्रेणी मैच सूरत में खेले। इन मैचों में कई शतक बनाए और बेहतरीन प्रदर्शन भी किया। उसकी कप्तानी में गुजरात की टीम ने भी सूरत में शानदार सफलताएं हासिल की।
वहीं, एसडीसीए के निसर्ग पटेल ने बताते हैं कि पार्थिव की उम्र और फिटनेस ऐसी है कि वह अभी भी दो-तीन साल तक आराम से क्रिकेट खेल सकते हैं। लेकिन पहले ही अस्पष्ट रूप से क्रिकेट को अलविदा कहने के संकेत दे दिए थे। सूरत में 100वें रणजी मैच के दौरान उसका सम्मान भी किया गया था। उस वक्त उसके परिजन भी यहां आए थे। उस समय सामान्य बातचीत के दौरान पार्थिव ने कहा था कि वे क्रिकेट में कॉमेट्री पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
उसके बाद एक-दो मैचों में उन्हें हिन्दी कॉमेन्ट्री करते हुए देखा। तभी यह महसूस हो रहा था कि शायद वे क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं। शायद उनका इरादा गुजरात में विकेट कीपर के तौर पर नई प्रतिभाओं को मौका देने का हो। जिसके चलते उन्होंने बुधवार को संन्यास की घोषणा कर दी। पार्थिव ने लंबे समय तक गुजरात के लिए क्रिकेट खेला है और कई सफलताएं भी दिलवाई। भविष्य में भी युवा खिलाडिय़ों को उसके अनुभव का लाभ मिलता रहेगा।
Published on:
10 Dec 2020 10:00 am
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