
सूरत से गए 35 सदस्यीय यात्री दल ने दो जून की तड़के मॉस्को से बीएमडबल्यू मोटोबाइक पर सवार होकर की थी। राजस्थानी सदस्य राहुल शर्मा ने बताया मॉस्को से पौने दो सौ किलोमीटर की यात्रा तय कर सभी बाइक सवार सदस्य रूस के एतिहासिक शहर ट्वेर पहुंचे।

बाद में स्थानीय प्रशासन और यात्री दल सदस्य 15वीं सदी में भारत यात्रा पर आए पहले रशियन यात्री अफांसी निक्तिन की जन्मस्थली पहुंचे। उनके स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और तिरंगा फहराया।

दो जून से आयोजित इंडो-रशियन फ्रेंडशिप ट्यूर में मित्रता का पैगाम बांटने गए सूरती बाइकर्स गुरुवार तक 1500 किलोमीटर की यात्रा तय कर पस्कॉव शहर पहुंचे। इससे पहले वह मॉस्को से पौने दो सौ किमी तय कर रशियन यात्री अफांसी निक्तिन के पैतृक शहर ट्वेर पहुंचे