
पुलिस सतर्क, सभी थानों में तैनात करेंगे क्यूआरटी
सूरत. उत्तर गुजरात में बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को लेकर सूरत पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस ने उत्तर भारतीयों समेत अन्य प्रवासियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) तैयार की है।
इस संबंध में बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान शहर पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने बताया कि इस टीम में पुलिस उप निरीक्षक एवं चार पुलिसकर्मी होंगे। इन्हें अलग से वाहन दिया गया है। टीम दो शिफ्टों में २४ घंटे तैनात रहेगी और शिकायत मिलने पर तुरंत हरकत में आकर कार्रवाई करेगी।
शहर के सभी थानों के पुलिस निरीक्षकों को आदेश दिया गया है कि सुबह ८ बजे से रात्रि १२ बजे तक थाना क्षेत्र में रहेेंगे। उन्हें किन्ही परिस्थियों में थाना क्षेत्र से बाहर जाना हो तो संबंधित पुलिस उपायुक्त से अनुमति लेनी होगी। किसी प्रवासी पर हमले या धमकी देकर डराने की सूचना मिलने पर क्यूआरटी के साथ पुलिस निरीक्षक व संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त मौके पर पहुंचेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। पुलिस आयुक्त ने विभिन्न प्रवासी संगठनों, औद्योगिक समूहों के लोगों से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की तथा स्थिति की जानकारी ली। शर्मा ने बताया कि कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
औद्योगिक क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई
विभिन्न औद्योगिक समूहों के अग्रणियों से चर्चा भी शिकायत मिली थी कि औद्योगिक इलाकों में कुछ समाज कंटक सक्रिय रहते हैं। जो रात में कारखानों से घर लौटते समय प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाते हैं। वे उन्हें डरा धमका कर उनसे मोबाइल व रुपए आदि लूट लेते हंै। इसे गंभीरता से लेते हुए सभी थानों के औद्योगिक क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं तथा ऐेसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी सक्रियता
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर भी क्राइम ब्रांच की टेक्नीकल सर्वेलंस टीम सक्रिय है। भडक़ाऊ मैसेज करने वालों पर लगातार नजर रख रही है। पिछले कुछ दिनों में ऐसे मैसेज सोशल मीडिया पर डालने वालों को चेतावनी भी दी है। उन्होंने अपील की कि यदि उनकी जानकारी में भी कोई भडक़ाऊ मैसेज आते हंै तो तुरंत पुलिस से संपर्क करंे।
नहीं हुई कोई घटना, घबराए नहीं, पुलिस से संपर्क करें
शर्मा ने बताया कि अभी तक शहर में प्रवासियों पर हमले या धमकी की कोई घटना सामने नहीं आई है। वराछा में रेहड़ी वालों पर हमले की दो घटनाएं हुई थीं, लेकिन उनका सम्बंध इससे नहीं है। उन घटनाओं में स्थानीय समाज कंटक थे जो पहले भी इस तरह की घटनाओं में लिप्त रहे हैं। उन्हें इससे नहीं जोडऩा चाहिए। भूतकाल में भी सूरत में इस तरह की घटनाएं नहीं हुई हैं। सूरत अनेकता में एकता की मिसाल है। इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि किसी प्रकार की कोई दिक्कत होती है तो पुलिस से संपर्क करंे।
Published on:
10 Oct 2018 09:58 pm
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