12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्रमिक एक्सप्रेस में खाना देने गए श्याम सेवा ट्रस्ट के लोगों से रेलवे पुलिस ने की गाली- गलौच

- सोशल मीडिया पर पीएसआई के खिलाफ पोस्ट करने पर लिखवाया माफीनामा

3 min read
Google source verification
श्रमिक एक्सप्रेस में खाना देने गए श्याम सेवा ट्रस्ट के लोगों से रेलवे पुलिस ने की गाली- गलौच

श्रमिक एक्सप्रेस में खाना देने गए श्याम सेवा ट्रस्ट के लोगों से रेलवे पुलिस ने की गाली- गलौच

सूरत.

लॉक डाउन के दौरान हजारों श्रमिक रोजाना सूरत रेलवे स्टेशन से अलग-अलग राज्यों के लिए रवाना हो रहे है। पहले दिन कुछ सामाजिक संगठनों ने यात्रियों को खाना पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई थी। लेकिन भाजपा और कांग्रेस की राजनीति के बीच सामाजिक संगठनों तथा मीडिया को रेलवे परिसर में जाने से रोका जा रहा है। ताजा मामला श्याम सेवा ट्रस्ट के सदस्यों का सामने आया है। जिसमें तहसीलदार ने तीन-चार सदस्यों को स्टेशन परिसर में प्रवेश की अनुमती दी और रेलवे पुलिस ने उन्हें रोककर गाली- गलौच की। सोशल मीडिया पर पीएसआई के खिलाफ पोस्ट करने पर ट्रस्ट के लोगों को थाने बुलाकर माफीनामा लिखवाया गया है।

सूत्रों ने बताया कि श्याम सेवा ट्रस्ट के भोजन डिस्ट्रिब्यूटर राहुल शर्मा हाल में ही उतराखंड के काठगोदाम के लिए रवाना हुई श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों को खाना और पानी देने के लिए रेलवे स्टेशन गए थे। लेकिन मेन गेट पर खड़े पुलिस के जवानों ने उन्हें स्टेशन परिसर में जाने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस के जवानों तथा वहां मौजूद तहसीलदार से काफी मिन्नतें की। रात दो-ढाई बजे स्टेशन के यात्रियों के लिए लाया हुआ खाना कहां वितरण करेंगे, यह बात समझाने पर तहसीलदार तीन-चार लोगों को स्टेशन परिसर में प्रवेश देने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद श्याम सेवा ट्रस्ट के युवा खाना लेकर प्लेटफार्म संख्या एक पर जाने वाले लिफ्ट के पास पहुंचे और खाना लोड कर रहे थे।

राहुल ने कहा कि उसी समय रेलवे पुलिस थाने के उप निरीक्षक मनोज पाटिल पहुंच गए और श्याम सेवा ट्रस्ट के लोगों को तुम्हें किसने अंदर आने दिया, कहते हुए गाली गलौच करने लगे। राहुल ने रेलवे पुलिस जवानों द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार को सोशल मीडिया पर लाइव करना शुरू कर दिया। इसके बाद श्याम सेवा ट्रस्ट के लोग खाना स्टेशन परिसर में छोड़ कर चले आए। दूसरे दिन राहुल ने पीएसआई के खिलाफ कार्रवाई के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट लोड की। राहुल ने बताया कि उन्हें रेलवे पुलिस निरीक्षक वाय. बी. वाघेला का फोन आया और जवाब लिखवाने के लिए स्टेशन आने के लिए कहा गया।

प्लेटफार्म संख्या एक पर पुलिस चौकी में राहुल को डीवायएसपी डी. जी. कंथारिया के पास ले जाया गया और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर पोस्ट को डिलीट करने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, उनसे रेलवे पुलिस के साथ हुए विवाद को लेकर माफीनामा भी लिखवाया गया।

राजनेताओं को नहीं, सेवकों को रोक रहे!

राहुल ने आरोप लगाया कि राजस्थान जोधपुर रवाना हुई श्रमिक स्पेशल के समय बीजेपी के आठ से दस लोग स्टेशन पर गए थे, उन्हें रेलवे पुलिस ने क्यों नहीं रोका? उल्लेखनीय है कि, श्रमिक स्पेशल के संचालन के बाद राजनीतिक पार्टियों में उसका श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है। पहले दिन बीजेपी के झंडे से सांसद द्वारा ट्रेन को रवाना होने की खबर वायरल होने के बाद स्टेशन परिसर की गतिविधियां बाहर नहीं आए, इसलिए रेल मंत्रालय ने मीडिया और कुछ निश्चित पार्टी/लोगों पर स्टेशन परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है।

इन ट्रेनों में पहुंचाया है खाना

श्याम सेवा ट्रस्ट के द्वारा प्रतिदिन 20 से 25 हजार लोगों के लिए खाना तैयार करके वितरण किया जाता है। छह मई को उत्तरप्रदेश में बांदा जाने वाली ट्रेन के यात्रियों के लिए अजीत सिंह राजपुत के कहने पर भोजन/पानी वितरण किया गया था। इसके बाद प्रयागराज जाने वाली श्रमिक स्पेशल के यात्रियों को विनय शुक्ला के कहने पर भोजन/पानी दिया गया। लेकिन जब से यह विवाद हुआ है श्याम सेवा ट्रस्ट ने स्टेशन पर यात्रियों को खाना देना बंद कर दिया है। पिछले दिनों वनिता विश्राम के पास उतराखंड, गोडादरा में यूपी गोंडा और पांडेसरा पीयूष प्वॉइंट पर जाकर श्याम सेवा ट्रस्ट ने श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों को खाना और पानी पहुंचाया है।

समाजसेवियों की टूटती हैं हिम्मत

लॉक डाउन के दूसरे दिन 23 मार्च से श्याम मंदिर प्रांगण में जरुरतमंदों के लिए खाना बनाने तथा वितरण की व्यवस्था शुरू की गई है। सेवा करने वालों में ज्यादातर युवा है जो कॉलेज के छात्र है। लॉक डाउन में कोई भी परिवार नहीं चाहता कि उनके परिवार का सदस्य घर से बाहर जाये,लेकिन श्याम मंदिर में अब तक सैकड़ों युवा बारी-बारी से सेवा दे चुके है। रेलवे पुलिस के इस व्यवहार से समाजसेवियों की हिम्मत टूटती है।

- राहुल शर्मा, श्याम सेवा ट्रस्ट, सूरत।

छोटी-छोटी बातों पर अटेंशन नहीं लेता

मेरे ध्यान में मामला नहीं आया है। रेलवे स्टेशन पर किसी को जाने की अनुमति नहीं है, रेलवे ऑथोरिटी ने ही मना कर रखा है। स्टेशन के बाहर बस में खाना दे सकते हैं। जोधपुर जाने वाली ट्रेन पर कोई गया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। मैं छोटी-छोटी बातों पर अटेंशन नहीं लेता, वह तो रेलवे पुलिस थाने का काम है।

- निलेश झांझरिया, अधीक्षक, रेलवे पुलिस, वडोदरा।