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विनीत शर्मा
सूरत. भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई के एक ट्वीट ने हरिपुरा गांव को अचानक चर्चा में ला दिया। इस गांव क बहाने गुजरात और राजस्थान दोनों ही प्रदेश अचानक ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट ने इस ट्रेंड को और गति दे दी। प्रधानमंत्री ने मामुन्दजई से राजस्थान और गुजरात दोनों ही प्रदेशों के हरिपुरा गांव जाने की दावत दे दी।
देश के कई लोगों को पहली बार पता चला कि ऐतिहासिक धरोहर समेटे हरिपुरा गांव का एक हमनाम गांव और भी है। यह गांव है गुजरात के पड़ोसी राज्य राजस्थान में। गुजरात के सूरत जिले का हरिपुरा कांग्रेस के चर्चित अधिवेशन को लेकर चर्चा में रहा है। हरिपुरा में 1938 में हुए इस अधिवेशन में देश की आजादी के संघर्ष के ब्लू प्रिंट पर चर्चा की गई थी। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व में आयोजित चार दिवसीय इस अधिवेशन के लिए हरिपुरा का चयन सरदार पटेल ने किया था।
अफगानी राजदूत फरीद मामुन्दजई अपने एक ट्वीट में एक भारतीय चिकित्सक की सहृदयता का जिक्र करते हुए एक सवाल करता ट्वीट किया था, गुजरात में सूरत का हरिपुरा गांव? उनके इस ट्वीट के जवाब में राजस्थान के एक शख्स बलकौर सिंह ढिल्लन ने प्रतिवाद करते हुए ट्वीट किया कि नही सर राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में है हरीपुरा गांव, पंजाब राज्य की सीमा से सटा हुआ है मेरा गांव। इस ट्वीट का जवाब देते हुए अफगानी राजदूत ने पाकिस्तान के साथ राजस्थान के रिश्तों का जिक्र किया और ट्वीट कर बताया कि अफगानिस्तान के साथ राजस्थान का एक लंबा इतिहास रहा है। मैं एक दिन हरिपुरा जरूर जाऊंगा और अपने दोस्तों से राजस्थानी पगड़ी की उम्मीद करूंगा। दो लोगों के बीच हो रही ट्विटिंग में प्रितेश अहीर ने फरीद का आभार जताते हुए कहा कि सर आपने तो दिल जीत लिया...आप हमारे सूरत के छोटे से गांव जो हमारे गांव से भी नजदीक है उनका नाम बताने के लिए आपका शुक्रिया धन्यावाद।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलकौर सिंह ढिल्लन का जिक्र करते हुए एक ट्वीट कि जिसमें उन्होंने अफगानी राजदूत से कहा कि आप बलकौर के हरिपुरा भी जाइए और गुजरात के हरिपुरा भी जाइए, वो भी अपने आप में इतिहास समेटे हुए है। मेरे भारत के एक डॉक्टर के साथ का अपना अनुभव आपने जो शेयर किया है, वो भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों की खुशबू की एक महक है। हरिपुरा के बहाने ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हरिपुरा के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने अफगानी राजदूत को अपने शहरों में आने का निमंत्रण दे दिया।
याद आया हरिपुरा का इतिहास
बारडोली. अफगानी राजदूत के हरिपुरा को लेकर किए गए ट्वीट के बाद सूरत जिला के एतिहासिक गांव हरिपुरा का इतिहास लोगों को याद आ गया। पहले अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरिपुरा को लेकर किए गए ट्वीट से हरिपुरा एक बार फिर लोगों के जेहन में आ गया। ट्वीट में हरिपुरा का उल्लेख होने पर गांव के लोगों ने गर्व महसूस किया। इस ट्वीट के बाद दिनभर लोग हरिपुरा गांव और वर्ष 1938 में वहां हुए कांग्रेस अधिवेशन का जिक्र करते रहे।
Updated on:
01 Jul 2021 07:45 pm
Published on:
01 Jul 2021 07:39 pm
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