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आरक्षण और किसानों के लिए करूंगा अनशन

हार्दिक पटेल राजद्रोह मामले में कोर्ट में पेश हुआ, अब सुनवाई 29 अगस्त को

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आरक्षण और किसानों के लिए करूंगा अनशन

सूरत. आरक्षण, बेरोजगार और किसानों की समस्याओं को लेकर 25 अगस्त से मैं अनशन शुरू करने जा रहा हूं और जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक लड़ाई जारी रहेगी। यह बात सोमवार को राजद्रोह मामले में सूरत सेशन कोर्ट में पेशी के बाद पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के समन्वयक हार्दिक पटेल ने कही।


अमरोली थाने में दर्ज राजद्रोह मामले में सेशन कोर्ट में चार्जफ्रेम की कार्रवाई हो चुकी है और अब सुनवाई चल रही है। सोमवार को सेशन कोर्ट में राजद्रोह मामले में मुद्दत थी, जिसके चलते हार्दिक पटेल कोर्ट के समक्ष पेश हुआ था। अगली सुनवाई के लिए अब कोर्ट ने 29 अगस्त का दिन तय किया है। कोर्ट में पेशी के बाद हार्दिक पटेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह 25 अगस्त से हर हाल में अनशन पर बैठने जा रहा है। परेश धानाणी के अनशन को लेकर उसने कहां कि धानाणी सही है। किसानों को परेशानी हो रही है, मुंगफली के नाम पर घपला किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार नहीं है। इन्हीं मुद्दों को लेकर वह भी अनशन पर बैठने जा रहा है। गौरतलब है कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल ने अमरोली के मोटा वराछा में पुलिस के खिलाफ भड़काउ बयान दिया था। इस बयान के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले मेें हार्दिक जमानत पर रिहा है और कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

ओडिशा के तीन वांछित गिरफ्तार


सूरत. ओडिशा के आस्का थाना क्षेत्र में एक पार्षद की हत्या और उसके बाद पुलिस पर देशी बम से हमला करने से तीन गंभीर मामलों में फरार चल रहे तीन अभियुक्तों को क्राइम ब्रांच ने ओडिशा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उप निरीक्षक एम.एस.त्रिवेदी ने बताया कि भेस्तान शिवनगर सोसायटी निवासी गौतम उर्फ शीलू पोलाई, आदित्य नाहक और वराछा धरतीनगर निवासी मुकेश शीओ ओडिशा के आस्का थाना क्षेत्र के मूल निवासी हंै। शीलू वहां शराब का ठेका चलाता था। दूसरी बार लाइसेंस नहीं मिलने पर उसे नुकसान हुआ था, जिसकी वजह से उसने पार्षद प्रताप पोलाई की हत्या की साजिश रची। उसने पांच लाख रुपए देकर रवि नाहक, सांई पोलाई और अन्य आरोपियों को अपने साथ मिलाया। ७ नवम्बर, २०१७ को जब प्रताप पोलाई अपने परिवार के साथ बस में ब्रह्मापुर जा रहा था, उन्होंने बस रुकवाई और प्रताप की हत्या कर दी थी। इस मामले में आस्का पुलिस ने गिरोह के सात जनों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शीलू फरार था। आस्का से भाग कर तीन जने सूरत आ गए थे।

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