23 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

केंद्र सरकार विफल, नजर 2019 पर

उस्मानी की याद में आयोजित कार्यक्रम में बोले वक्ता
2 min read
Google source verification

सूरत

image

Vineet Sharma

Oct 08, 2018

patrika

केंद्र सरकार विफल, नजर 2019 पर

सूरत. दिवंगत रिजवान उस्मानी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित सर्वधर्म संकल्प सम्मलेन में वक्ताओं ने उनके साथ अपने संबंधों को याद किया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि 2019 में जनता जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकेगी।

बढ़ती महंगाई, घटते रोजगार और बिगड़ते सामंजस्य की बात करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस सरकार ने देश को सडक़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा महात्मा गांधी का नाम तो लेती हैं लेकिन उनके सिद्धांतों पर चलने को तैयार नहीं है। केंद्र सरकार के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर कहा कि सूरत को उत्तर प्रदेश, बिहार और उड़ीसा जाने वाली ट्रेन चाहिए। आम आदमी को बुलेट ट्रेन की जरूरत नहीं है। नोटबंदी और जीएसटी पर केंद्र को घेरते हुए कहा कि नोटबंदी अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है।

जीएसटी ने उद्योग-धंधे की कमर तोड़ दी है। उन्होंने रफाल के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्यमी अनिल अंबानी पर भी तीखे हमले किए। इस मौके पर पूर्व प्रदेश प्रमुख अर्जुन मोढवडिय़ा, नेता विपक्ष परेश धानाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद, सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. तुषार चौधरी, अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन राउत समेत अन्य वक्ताओं ने अपनी बात कही। कामरान उस्मानी ने आभार व्यक्त किया।

परिणाम पर उठाया सवाल, ट्राफी छोड़ी

संजीवकुमारऑडिटोरियम में संपन्न हुई नाट्य स्पर्धा के परिणाम से नाराज एक नाट्य संस्था ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नाट्य संस्था के इस व्यवहार से नाराज महापौर ने उसे तीन वर्ष तक स्पर्धा में भाग लेने के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया। गौरतलब है कि सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मनपा प्रशासन प्रति वर्ष नाट्य स्पर्धा का आयोजन करता है। स्पर्धा के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाता है। इस बार शनिवार रात आयोजित कार्यक्रम में जब परिणामों की घोषणा की गई, संस्था ने विरोध जताते हुए ट्राफी लेने से इनकार कर दिया था। यह पहला मौका है जब परिणामों पर विरोध जताते हुए किसी संस्था ने ट्राफी लेने से मना कर दिया हो।