
Gujarat fake liquor deaths (Photo IANS)
भावनगर। नकली शराब कांड में शनिवार को दो और युवकों की मौत हो गई। एक युवक ने भावनगर और दूसरे ने सूरत में इलाज के दौरान दम तोड़ा, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। भावनगर में सर टी अस्पताल में भर्ती 35 वर्षीय हार्दिकभाई हरेशभाई किलजी की नकली अंग्रेजी शराब पीने के पांचवें दिन इलाज के दौरान मौत हो गई। वह भरतनगर क्षेत्र के वर्धमाननगर के रहने वाले थे। तबीयत बिगड़ने पर पहले उनका निजी अस्पताल में इलाज हुआ, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें सर टी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहीं भावनगर से सूरत इलाज के लिए ले जाए गए संजयसिंह डोडिया की भी शनिवार को मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार अचानक हृदय गति रुकने से उन्होंने दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान उन्हें पहले ब्रेनडेड घोषित किया गया था। सर टी अस्पताल में अभी भी अविनाश परमार, मुकेश डामोर और भार्गव नाम के तीन मरीज भर्ती हैं। अस्पताल के अनुसार तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है।
इसी बीच जांच के दौरान भावनगर की पुरानी पुलिस लाइन के सामने स्थित मैदान से शराब की दो खाली बोतलें भी मिली हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। यह नकली शराब कांड 18 अगस्त को सामने आया था। तब से अब तक 17 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरीज मुकेश डामोर के परिजनों ने बताया कि वह कई वर्षों से भावनगर में एक कंपनी में काम करते हैं और फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं।
वहीं दूसरी तरफ भावनगर के चर्चित नकली शराब प्रकरण में गुजरात पुलिस और क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे रईस उर्फ रईस अहमद गासी बाबू अंसारी को मध्यप्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच भावनगर की अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पूछताछ के लिए 9 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया। घटना के बाद आरोपी मध्यप्रदेश में छिपा हुआ था। गुजरात पुलिस की टीम ने लोकेशन और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर उसकी तलाश की और भोपाल से उसे दबोच लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को भावनगर लाया गया।
पुलिस ने अदालत से आरोपी के रिमांड की मांग करते हुए नकली शराब के उत्पादन, उसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल, सप्लाई नेटवर्क और इस पूरे कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ का हवाला दिया। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर नकली शराबकांड से जुड़े अन्य मुख्य आरोपियों और अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास करेगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि नकली शराब के लिए कच्चा माल और केमिकल कहां से लाया जाता था और इसकी सप्लाई किन-किन इलाकों में की गई।
Updated on:
22 Aug 2026 04:25 pm
Published on:
22 Aug 2026 04:20 pm
