
तरभोण गांव में उल्टी-दस्त का कहर, महिला की मौत
बारडोली. तहसील के तरभोण गांव के सोसायटी फलिया सहित अन्य क्षेत्रों में 30 से अधिक लोग उल्टी दस्त की चपेट में आ जाने से स्वास्थ्य विभाग मे हड़कंप मच गया। उल्टी दस्त के कारण एक महिला की मौत हो गई, वहीं प्रशासन महिला की मौत अन्य कारणों से होना बता रहा है। परिजनों के अनुसार महिला को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम गठित कर सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाइयां वितरित और लोगों के स्वास्थ्य की जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के बारडोली के तरभोण गांव में गुरुवार सुबह से ही एक-एक कर लोग उल्टी-दस्त के चपेट में आने लगे। उल्टी-दस्त से पीडि़त ३० लोगों को एम्बुलेंस की मदद से बारडोली और नवसारी की सरकारी अस्पतालों मे भर्ती कराया गया। जिसमें ज्यादातर को बारडोली सीएचसी, सरदार स्मारक अस्पताल और नवसारी की सिविल अस्पताल में ले जाया गया। दूसरे दिन शुक्रवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। सुबह से अब तक उल्टी-दस्त के १0 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। सोसायटी फलिया में सबसे ज्यादा असर दिखने को मिली, जबकि वड फलिया और पिंजर फलिया में भी लोग उल्टी दस्त के चपेट में है। वड फलिया निवासी भिखी नटु हलपति (50) की उल्टी दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं प्रशासन भिखी बेन को पहले से ही वाल्व की बीमारी होने के कारण उसकी मौत हुई होने की बात कर अपना बचाव कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि भिखी की मौत उल्टी-दस्त से ही हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की आठ टीमें तैनात
तरभोण में उल्टी-दस्त की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग गुरुवार सुबह से ही सतर्क हो गया और गांव में पेयजल के स्त्रोत में दवाई डालने का कार्य शुरू किया। साथ ही असरग्रस्त क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने 8 टीमें गठित कर दवाइयां वितरण और सर्वे कार्य शुरू किया। पानी के सेम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। सर्वे के दौरान लोगों में उल्टी-दस्त की शिकायत मिलते ही टीम ने मौके पर ही दवा पिलाई गई।
कुएं से मिला था मृत सांप
ग्रामीणों को जिस कुएं से जलापूर्ति की जाती है उसमें मृत सांप कुएं में होने की जानकारी लोगों ने दी थी। इसके बावजूद मृत सांप को कई दिनों तक कुएं से बाहर नहीं निकालाय गया। जिसके कारण लोगों में पानी दूषित होने की आशंका है। वहीं, कुएं के आसपास भी गंदगी की भरमार दिखने को मिली। दो दिन पूर्व जलापूर्ति लाइन में रिसाव हो गई थी। जिसमें गंदा पानी मिल जाने से भी यह बीमारी फैली होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पानी की पाइपलाइन की मरम्मत कर दी गई है और कुएं से जलापूर्ति भी बंद कर दी गई है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य शुरू कर दी गई है। प्राथमिक तौर पर दूषित पानी के कारण ही उल्टी दस्त की बीमारी फैलने की आशंका है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को नि:शुल्क मिनरल वॉटर की व्यवस्था कर दी गई है।
किशोर माह्यावंशी, चेयरमैन, स्वास्थ्य विभाग, सूरत जिला पंचायत
उल्टी-दस्त से पीडि़त 14 लोगों के बारडोली सत्याग्रह अस्पताल में उपचार चल रहा है जबकि तीन जनों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। गांव के दो फलिया में जलापूर्ति लाइन रिसाव थी, जिसे मरम्मत कर दी गई है। जिस कुएं से जलापूर्ति किया जाता था उसे फिलहाल बंद कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें तैनात कर दी गई है। उल्टी दस्त से किसी के मौत की खबर नहीं है।
जी.एस. राठवा, तालुका विकास अधिकारी, बारडोली

Published on:
17 Aug 2018 09:49 pm
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