
SOCIAL PRIDE NEWS: पहले किए प्राणवायु के जतन, अब कराएंगे तर्पण कर्म
सूरत. कोरोना महामारी के आपदा काल में सेवा की धधक जो प्रवासी राजस्थानियों में उठ रही है वो सच में प्रशंसा के योग्य है और अनुकरणीय भी है। कर्मभूमि से जन्मभूमि चलो गांव की ओर...अभियान छेड़कर पहले प्रवासी राजस्थानियों ने सूरत-मुबई रहते हुए भी कोरोना के विकट काल को भुगत रहे राजस्थान में अपनों के प्रति जो अपणायत बांटी अभी उसकी स्याही सूखी भी नहीं कि अब ऐसे दायित्व के निर्वहन की तैयारी कर ली जो कि सही मायने में शास्त्रोक्त तरीके से किसी सगे परिजन के हिस्से में होती है। कोरोनाकाल में मृत व्यक्तियों के अस्थि कलश शेखावाटी अंचल के गांव-कस्बे से ले जाकर हरिद्वार में गंगाजी के घाट पर ले जाकर विधिविधान से विसर्जित किए जाने की यह जिम्मेदारी श्रीमती तारादेवी रामेश्वरलाल बजाज चेरिटेबल ट्रस्ट ने उठाई है।
अभी कुछ दिन पहले ही जब चारों तरफ ऑक्सीजन की कमी से अस्पतालों में कोरोना मरीजों की जान के साथ त्राहिमाम मचा हुआ था तब सेवाभावी मुंबई-सूरत के श्रीमती तारादेवी रामेश्वरलाल बजाज चेरिटेबल ट्रस्ट ने एक-दो नहीं बल्कि पांच-पांच ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारियां की थी। अब जब कोरोना का आतंक कुछ हद तक थमा है तो प्रवासी राजस्थानियों ने एक बार फिर से अपनों के दर्द को कुछ हद तक कम करने के लिए मृतकों के अस्थि कलश गंगाजी में विसर्जन की तैयारियां की है। अस्थि कलश विसर्जन के लिए रतनगढ़ से हरिद्वार पहली वातानुकूलित बस मंगलवार को रवाना होगी और इसकी सभी तरह की व्यवस्था ट्रस्ट के जिम्मे रहेगी। अपने दिवंगत परिजनों के अस्थि कलश गंगाजी में विधिविधान से विसर्जन करने के लिए ट्रस्ट ने एक फार्म भी तैयार किया है, जिसमें एक अस्थि कलश के साथ दो परिजन को जाने की अनुमति है और एक वातानुकूलित बस में 35 से 40 जने तक ही शामिल रहेंगे।
-पांच सौ अस्थि कलश की मिली जानकारी
शेखावाटी अंचल सीकर, चुरु व झुंझुनूं जिले से अभी तक पांच सौ अस्थि कलश के विसर्जन की तैयारियों की जानकारी मिल चुकी है। ट्रस्ट के मुताबिक इस सेवाकार्य की कोई सीमा नहीं रखी गई है और जो भी परिजन इस सेवा का लाभ लेना चाहते हैं वे चुरु जिले में रतनगढ़ स्थित रतनगढ़ वेलफेयर सोसायटी व श्रीढांढ़ण भक्ति शक्ति मंडल, सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ स्थित श्रीढांढ़ण दादी परिवार, श्रीसनातन मंडल, फतेहपुर में श्रीअग्रसेन सेवा समिति, रामगढ़ में श्रीअग्रवाल सेवा मंडल व ढांढ़णधाम में श्रीढांढ़ण वेलफेयर सोसायटी से सम्पर्क कर सकते हैं।
-अज्ञात मृतकों का विधिविधान से तर्पण कर्म
श्रीतारादेवी रामेश्वरलाल बजाज चेरिटेबल ट्रस्ट की सेवा गतिविधियों से सूरत में जुड़े सुशील बजाज ने बताया कि कोरोना की भयावह दूसरी लहर ने शेखावाटी अंचल में सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान ली है, इनमें कई अज्ञात व्यक्ति भी शामिल है। ऐसे मृतकों के अस्थि कलश के विसर्जन के साथ-साथ हरिद्वार में गंगाजी के घाट पर विधिविधान से उनके तर्पण कर्म की आत्मीय जिम्मेदारी भी उठाई जाएगी। हालांकि फिलहाल इस तरह के किसी भी अज्ञात मृत व्यक्ति के अस्थि कलश मिलने की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन इसकी भी तैयारियां की गई है।
-मां-पिताजी का आशीर्वाद व सद्प्रेरणा
मां-पिताजी के आशीर्वाद व सद्प्रेरणा से सैकड़ों कोस दूर रहकर भी शेखावाटी अंचल समेत अन्य स्थानों पर जाने-अनजाने अपनों के प्रति सेवाभाव की ईच्छाशक्ति रहती है। सेवा के दौर में आगे भी कोई जिम्मेदारी मिलेगी तो उसका निवर्हन किया जाएगा।
सज्जन बजाज, ट्रस्टी, श्रीतारादेवी रामेश्वरलाल बजाज चेरिटेबल ट्रस्ट।
Published on:
12 Jun 2021 08:44 pm
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