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SURAT KAPDA MANDI: श्राद्ध पक्ष से कपड़ा कारोबार की तेजी के आसार

- स्थानीय कपड़ा व्यापारियों ने श्राद्ध पक्ष से शुरू होने वाले व्यापारिक सीजन के लिए की है कई तैयारियां : - शुरुआती 5-6 दिन ग्राहकी फीकी रहने के आसार, लेकिन बाद में लंबे समय तक तेजी रहने की जताई संभावना:

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SURAT KAPDA MANDI: श्राद्ध पक्ष से कपड़ा कारोबार की तेजी के आसार

SURAT KAPDA MANDI: श्राद्ध पक्ष से कपड़ा कारोबार की तेजी के आसार

सूरत. दस दिवसीय गणपति महोत्सव पूरा होते ही 29 सितंबर से श्राद्ध पक्ष शुरू हो जाएगा। गणपति महोत्सव में सूरत शहर में हर्षोल्लास का माहौल बन गया है। इसके बाद सोलह दिवसीय श्राद्ध पक्ष में पितरों के प्रति श्रद्धाभाव प्रकट किया जाएगा, लेकिन इसके साथ-साथ सूरत कपड़ा मंडी में व्यापारिक चहल-पहल भी दिखने के पूरे आसार हैं। कपड़ा व्यापारियों ने श्राद्ध पक्ष में होने वाली ग्राहकी की तैयारियां भी की है।आम तौर पर श्राद्ध पक्ष में खरीदारी टाली जाती है, लेकिन सूरत कपड़ा मंडी में यह मान्यता नहीं है। कपड़ा व्यापारी बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष के बाद नवरात्र, दुर्गा पूजा, दीपावली और वैवाहिक सावों की शुरुआत होती है। इस दौरान देशभर में साड़ी-ड्रेस, गारमेंट और अन्य कपड़ा मटीरियल की खूब बिक्री होती है। श्राद्ध पक्ष में बुक करवाया गया माल बाहरी मंडियों में व्यापारियों के यहां पहुंचने में 8 से 10 दिन लग जाते हैं और उन्हें व्यापार के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। इसीलिए ज्यादातर व्यापारी श्राद्ध पक्ष में खरीदारी के लिए सूरत आते हैं। स्थानीय कपड़ा मंडी में ग्राहकी के प्रत्येक सीजन के लिए कपड़ा व्यापारी अलग-अलग तरीके से तैयारियां करते हैं।

- पहले 5-6 दिन हल्की-फुल्की, फिर बाद में रहती है तेजी :

सोलह दिवसीय श्राद्ध पक्ष के पहले 5-6 दिन तक स्थानीय कपड़ा मंडी में हल्की-फुल्की ग्राहकी का दौर चलता है, लेकिन उसके बाद अगले 10 दिन तक ग्राहकी का पूरा जोर बना रहता है। इसकी वजह में स्थानीय कपड़ा व्यापारी बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष में निचली मंडियों में लोग खरीदारी करने से बचते हैं, लेकिन इसके बाद नवरात्रि, दीपावली, वैवाहिक सीजन आदि त्योहार-उत्सव के लिए लोग जमकर खरीदारी करते हैं। ऐसी स्थिति में बाहरी मंडी के कपड़ा व्यापारी यहां आकर अथवा सोशल मीडिया के जरिए श्राद्ध पक्ष के पांचवें से सोलहवें दिन तक प्रतिवर्ष औसत कपड़ा खरीदते हैं।

- साड़ी-गारमेंट्स में थोड़ी देरी, ड्रेस मटीरियल-शर्टिंग पहले :

पूरे भारत में दीपावली एक ऐसा त्योहार है, जब सब कोई कपड़ा खरीदता है। इसमें ड्रेस मटीरियल व शर्टिंग की खरीदारी निचली मंडी के व्यापारी पहले करते हैं क्योंकि इनकी सिलाई वगैरह में 10 से 15 दिन का समय लग जाता है। सूरत कपड़ा मंडी में श्राद्ध पक्ष से पहले ही ड्रेस मटीरियल व शर्टिंग कपड़े की खरीदारी शुरू हो चुकी है। वहीं, साड़ी व गारमेंट्स के उत्पाद रेडी टू वियर के रूप में होते हैं, ऐसी स्थिति में निचली मंडी के कपड़ा व्यापारी इनकी खरीदारी थोड़े दिन बाद शुरू करते हैं, लेकिन यह भी सच्चाई है कि सूरत कपड़ा मंडी में इन दोनों सेगमेंट में ही ज्यादा खरीदारी होती है।

- फैंसी प्रॉडक्ट की खास तैयारियां :

श्राद्ध पक्ष के बाद दीपावली व लग्नसरा सीजन के लिए सूरत कपड़ा मंडी के सभी साड़ी, ड्रेस, गारमेंट्स व अन्य वस्त्र उत्पाद में ग्राहकी का जोर रहेगा। दीपावली पर ज्यादातर महिलाएं मीडियम रेंज के फैंसी वर्क की साड़ी, ड्रेस व अन्य कपड़ा उत्पाद पसंद करती है। श्राद्ध पक्ष के दौरान देसावर मंडियों के व्यापारियों की ग्राहकी का झुकाव भी इस तरफ ही रहता है।

किशन गाडोदिया, कपड़ा व्यापारी, मिलेनियम-2 मार्केट

- ग्राहकी अच्छी रहने की उम्मीद :

श्राद्ध पक्ष में सूरत कपड़ा मंडी में अच्छी ग्राहकी रहने की उम्मीद है। आम तौर पर यह हर साल होती भी है। साड़ी के साथ गारमेंट उत्पाद में अच्छी ग्राहकी के आसार है। आगे सर्दी का मौसम है तो कॉटनबेस क्वालिटी की आयटम के ज्यादा डिमांडेबल रहने की उम्मीद है और वैसी ही तैयारी कपड़ा व्यापारियों ने की है।

पुरुषोत्तम अग्रवाल, तिरुपति टेक्सटाइल मार्केट