प्रवेश समिति ने गुजरात के एमबीबीएस और डेंटल की प्रवेश प्रक्रिया के बाद आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस कारण दोनों पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया देर से शुरू हो पाई थी। लगा था कि प्रवेश के पहले राउंड में ही सारी सीटें भर जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सीटों को भरने के लिए प्रवेश के चार राउंड करने पड़े। इसके बावजूद भी विद्यार्थियों की जगह रिक्त सीटें ही मिली।