सूरत. शहर के परवत पाटिया, गोडादरा, पुणागांव, टीकमनगर, उधना, भटार, घोड़दौडऱोड, सिटीलाइट, न्यू सिटीलाइट, वेसू, अलथान समेत शहर के अन्य प्रवासी राजस्थानी बहुल इलाकों में सुबह से लोकपर्व गणगौर की धूमधाम गणगौर पूजन से शुरू होती है जो कि रात्रि में लोकगीतों के दौर तक जारी रहती है। इस बीच गणगौर के बिंदोळा, सामूहिक गणगौर उत्सव, गुडला सवारी समेत अन्य कई आयोजनों में महिलाएं-युवतियां ही नहीं बल्कि बच्चियां व किशोरियां भी उत्साह के साथ शामिल हो रही है। इसके अलावा सामूहिक रूप से गणगौर उत्सव के आयोजनों के सिलसिले में भी तेजी आई है। शहर के विभिन्न क्षेत्र में अलग-अलग समाज व संगठन की महिला इकाइयों की ओर से सामूहिक गणगौर उत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं।
वहीं, रात्रि में भी गणगौर के गीतों का दौर और शोर अब तेज हो गया है। परवत पाटिया में ऋषिविहार सोसायटी, ब्रजभूमि सोसायटी समेत अन्य सोसायटियों में रात्रि में देर तक महिलाओं का समूह लोकगीत, बधावे के अलावा फिल्मी गीतों की पेरॉडी पर मनोरंजन भी करते हैं।