
The elder brother had only killed the young man
बारडोली।कामरेज चार रास्ता के पास ९ अगस्त को 27 वर्षीय युवक की हत्या की गुत्थी सूरत जिला एसओजी की टीम ने सुलझा दी। पुलिस ने युवक की हत्या के मामले में उसके ही बड़े भाई और भाभी को गिरफ्तार किया। भाभी से अवैध संबंध होने के शक में बड़े भाई ने ही युवक हत्या कर दी थी और पत्नी से भी युवक पर पत्थर से वार करवाए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 अगस्त की रात कामरेज चार रास्ता के पास मालिबा रेजिडेंसी परिसर से महेश जयंती वसावा (27) मूल तापी जिले की निझर तहसील के वडली गांव निवासी की हत्या की हुई हालत में शव मिला था।
घटना के बाद मृतक के बड़े भाई दिलीप वसावा ने ही कामरेज थाने में शिकायत दी थी। इस मामले की जांच कामरेज पुलिस कर रही थी। आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरा और ह्यूमन इंटेलिजेंट की मदद से जांच के दौरान सूरत जिला एसओजी की टीम के एएसआई प्रवीण पटेल और अन्य स्टाफ को मुखबीर से सूचना मिली कि महेश की हत्या मामले में उसके बड़े भाई दिलीप और उसकी पत्नी निकिता शामिल है। इस पर पुलिस ने दम्पती को कामरेज चार रास्ता के पास उनके पड़ाव से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी दिलीप ने बताया कि महेश का उनकी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने के शक पर महेश की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने पत्नी निकिता से भी महेश पर पत्थर से वार करवाया।
तरभोण गांव में उल्टी-दस्त के सात और मरीज मिले
बारडोली तहसील के तरभोण गांव में उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक 7 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़क़ाव और साफ-सफाई कार्य जारी है। गुरुवार सुबह से ही तरभोण गांव में उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद दो दिनों में करीब 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया था।
सूचना मिलते ही बारडोली तहसील की स्वास्थ्य विभाग की टीम उल्टी-दस्त से प्रभावित तरभोण गांव पहुंचकर दवा वितरण और साफ-सफाई कार्य शुरू किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे कर शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक सोसायटी फलिया, मंदिर फलिया सहित अन्य क्षेत्रों में उल्टी-दस्त से पीडि़त सात और मरीजों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भर्ती करवाया। बीमारी पर काबू पाने के लिए पिछले तीन दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव मे लोगों को दवा वितरण कर उल्टी-दस्त से बचाव की जानकारी दे रही है। शनिवार को गांव में जगह-जगह दवा का छिडक़ाव किया गया।
लाखों का आरओ प्लांट कबाड़ में
30 हजार लीटर पानी की टंकी से लोगों के घरों में जलापूर्ति के लिए कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं सरकार की ओर से लोगों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिए आरओ प्लांट भी दिया गया था, लेकिन चार साल के बाद भी आरओ प्लांट कबाड़ में पड़ा हुआ है। प्लांट क्यों नहीं लगाया गया इस बारे में ग्राम पंचायत के अधिकारी और पदाधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
Published on:
28 Sept 2018 09:17 pm
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