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कानून के लम्बे हाथों ने आखिरकार दबोच ही लिया

अथर्व कंपनी के संचालक सहित तीन लोग गिरफ्तार अथर्व4यू इंफ्रा एग्रो लिमिटेड पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप

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सूरत

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Sunil Mishra

Sep 18, 2018

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कानून के लम्बे हाथों ने आखिरकार दबोच ही लिया

सिलवासा. फर्जीवाड़ा करने वाली फाइनेंस कंपनी अथर्व 4यू इंफ्रा एग्रो लिमिटेड पर मामला दर्ज होने के बाद सिलवासा पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन शिवाजी शंकर निकाड़े (58), मैनेजिंग डाइरेक्टर सचिन हनुमंत गोसावी (39) तथा डायरेक्टर गणेश रामदास हजारे को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को स्थानीय कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने सभी आरोपियों को आठ दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है।

इससे पहले पुलिस ने इस कंपनी के सिलवासा ऑफिस इंचार्ज लोटन लहांगे को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस ने लोटन लहांगे से कंपनी के अधिकारी एवं गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर ली। थानाधिकारी केबी महाजन ने बताया कि अथर्व 4यू इंफ्रा एग्रो लिमिटेड पर मामला दर्ज होने के बाद सहायक निरीक्षक भास्कर पाटिल, विशाल पांडे तथा देश कुंवरा की टीम बनाकर आरोपियों को पकडऩे के लिए मुंबई भेजा। मुंबई में आरोपियों के फोन ट्रेस कर गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

ग्राहकों के करोड़ों रुपए हड़पकर कार्यालय बंद कर दिया
इस कंपनी में प्रदेश के करीब चार से पांच हजार लोगों के 8 से 10 करोड़ रुपए जमा हैं। सिलवासा में कंपनी के अधिकारियों ने वापी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के पास श्रद्धा कॉम्प्लेक्स में कार्यालय आरम्भ किया था, जिसे ग्राहकों के पैसे हड़पकर गत वर्ष सितम्बर में अचानक बंद कर दिया था। कंपनी का मुख्य कारोबार मुंबई से जुड़ा हुआ था। ग्राहकों के पैसे क्रेडिट होने के बाद सीधे मुंबई ट्रासंफर कर दिए जाते थे।

एक एजेंट ने एसिड पीकर आत्महत्या कर ली थी
कंपनी के अचानक बंद होने के बाद गोकुल दंगल पाटिल नामक एक एजेंट ने एसिड पीकर आत्महत्या कर ली थी। पिछले सप्ताह थाने में कंपनी के खिलाफ धारा 406,420 और 34 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस कंपनी में शहर के अलावा दादरा, मसाट, सामरवरणी, रखोली से भी हजारों ग्राहक जुड़ गए थे। कइयों ने समयावधि के तहत लाखों रुपए जमा किए थे। पैसे फंस जाने पर ठगी के शिकार ग्राहकों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया था। इस कंपनी पर ठगी का दूसरा मामला मुंबई में भी चल रहा है।