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मर्ज बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की…

कपड़ा बाजार की यातायात समस्या से व्यापारी ही नहीं, आम जन भी त्रस्त कई प्रयोगों के बावजूद समस्या का दशकों बाद भी कोई हल नहीं

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दिनेश भारद्वाज
सूरत.

वैश्विक पहचान बना चुके सिल्कसिटी सूरत के कपड़ा बाजार की यातायात समस्या की भी अलग पहचान है। जो भी यहां से एक बार गुजरा, वह इस समस्या से दो-चार हुआ। रिंगरोड पर पौने दो किलोमीटर के दायरे में फैले कपड़ा बाजार में पौने दो सौ से अधिक छोटे-बड़े टैक्सटाइल मार्केट हैं। यहां 50 हजार से ज्यादा व्यापारिक प्रतिष्ठान होने से सड़क-गलियों पर वाहनों का भीड़-भड़क्का रहता है। सड़कों पर घंटों जाम की समस्या से हर कोई प्रभावित होता है। कपड़ा बाजार क्षेत्र में दशकों पुरानी यातायात समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासनिक और व्यापारिक स्तर पर कई प्रयास किए गए, लेकिन समस्या मानो नासूर की तरह जस की तस है। यूं तो कपड़ा बाजार में यातायात समस्या सभी जगह व्याप्त है, लेकिन कुछ खास ट्रैफिक प्वॉइंट्स पर यह सदैव दिखती है। इनमें श्री सालासर हनुमान प्रवेशद्वार से महावीर मार्केट तक, महावीर मार्केट से अभिषेक मार्केट तक, मिलेनियम मार्केट से राधे मार्केट तक एवं राधे मार्केट से श्री सालासर हनुमान प्रवेशद्वार तक का क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा रिंगरोड, मोटी बेगमवाड़ी और नवाबवाड़ी में भी समस्या का जटिल स्वरूप देखा जा सकता है। कपड़ा बाजार के जानकारों की मानें तो रिंगरोड, श्री सालासर हनुमान मार्ग, मोटी बेगमवाड़ी, नवाबवाड़ी, कमेला दरवाजा, उधना दरवाजा क्षेत्र तक फैले कपड़ा बाजार में कभी आधी सड़क खाली नहीं मिलती। जिस भी रास्ते पर जाइए, वहां लोडिंग-अनलोडिंग टैम्पो, हाथलारी पार्क किए मिलते हैं। इससे आधा रास्ता वैसे ही बंद हो जाता है और आधे पर वाहनों का दबाव बना रहता है। फुटपाथ पर भी प्रत्येक मार्केट परिसर के बाहर चाय-नाश्ते के ठेले, गुमटी के अलावा अस्थाई विक्रेता जमा रहते हैं।

हो चुके हैं कई प्रयास
कपड़ा बाजार की यातायात समस्या को सुलझाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और महानगर पालिका साझा तौर पर योजना बनाकर कई बार वन-वे, नो पार्किंग जोन, पीली पट्टी, डिवाइडर, टर्न रोड आदि के प्रयोग कर चुकी हैं। यह प्रयास शुरुआत में ठीक-ठाक चलते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वही ढाक के तीन पात वाली हालत हो जाती है। शहर के पूर्व ट्रैफिक एसीपी नरेश कणजारिया ने यातायात समस्या को सुलझाने के लिए कई प्रयोग किए। यह कुछ दिन ही ठीक-ठाक चले। बाद में उनका वही हश्र हुआ, जो इससे पहले के प्रयासों का हुआ था।

पैदा कर दी नई समस्या
कपड़ा बाजार की यातायात समस्या को दूर करने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की है। फिलहाल इसी विभाग के कारण क्षेत्र में समस्या बढ़ती जा रही है। कुछ समय से ट्रैफिक पुलिस कमेला दरवाजा के पास रिंगरोड फ्लाइओवर ब्रिज के नीचे अवैध तरीके से पार्क दुपहिया वाहनों को जमा कर रही है। इससे यहां दिनभर ट्रैफिक पुलिस क्रेन से वाहनों को उतारने और उन्हें छुड़वाने के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इस मामले में मिलेनियम मार्केट में आयोजित सभा के दौरान व्यापारी पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।

ठोस प्रयासों की जरूरत
व्यापारिक सहयोग से पुलिस प्रशासन कपड़ा बाजार की यातायात समस्या को सुलझाने के कई प्रयास कर चुका है, फिर भी समस्या जस की तस है। प्रशासनिक स्तर पर क्षेत्र में ठोस प्रयासों की जरूरत है।
संजय जगनानी, व्यापार प्रगति संघ

सुबह से शाम तक कतार
श्री सालासर हनुमान मार्ग के दोनों तरफ सुबह मार्केट खुलने से रात बंद होने तक मालवाहक वाहनों की कतार लगी रहती है। इस मार्ग के 35-40 मार्केट में माल ढुलाई के वाहनों समेत अन्य वाहनों को जाम से दो-चार होना पड़ता है।
रंगनाथ सारड़ा, कपड़ा व्यापारी