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रिंग रोड से जमीनों के दाम आसमान पर

बिल्डर और कारोबारियों की बल्लेे-बल्ले

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सूरत

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Sunil Mishra

Nov 22, 2018

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रिंग रोड से जमीनों के दाम आसमान पर


सिलवासा. शहर में रिंग रोड के कारण बाहरी क्षेत्रों की जमीन और प्रॉपर्टी के भावों में उछाल आया है। पिपरिया, दयातफलिया, उलटनफलिया, भुरकुड़ फलिया, सामरवरणी, बालदेवी, डोकमर्डी, गांधीग्राम की जमीन के भाव 20 से 25 लाख एक हजार वर्ग फीट हो गए हैं। रिंग रोड के दोनों ओर बड़ी बड़ी इमारतें तथा शॉप कॉम्प्लेक्स में दुकान व फ्लैटों की कीमत दो से ढाई गुणा बढ़ गई है।

बिल्डरों एवं जमीन मालिकों ने ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी कर दी
राजस्व विभाग के शहर में जमीन के भाव 3 लाख प्रति हजार वर्ग फीट निर्धारित हैं। रिंग रोड निर्माण से पहले बाहरी क्षेत्रों में जमीन के भाव 10 से 15 लाख प्रति हजार वर्ग चल रहे थे। अब रोड टच दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय, बीयर बार आदि के लिए जमीन मिलना मुश्किल हो गया है। बिल्डरों व जमीन मालिकों ने ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी कर दी हैं। इन इमारतों में बने फ्लैट दो हजार से लेकर ढाई हजार वर्गफुट के भाव से बिक रहे हैं। इमारतों में ग्राउंड तल की दुकानें 10 हजार वर्ग फीट के भाव से कंस्ट्रक्शन आरम्भ होते ही बिक जाती हैं। उलटन फलिया से सामरवरणी तक इमारतों में निर्माणाधीन 90 प्रतिशत दुकानें बनने से पहले बिक गई हैं। रिंग रोड आने से शहर में खेती की सारी जमीन समाप्त हो गई है, वहीं बिल्डर, कारोबारियों की बल्लेे-बल्ले हो गई है।
राजस्व को लग रहा चूना
शहर में दुकानों के भाव सरकारी रेट से कई गुना अधिक हैं। पंजीयन विभाग में दुकानें दो हजार वर्गफीट के हिसाब से राजस्व भरकर खरीद होती है। वास्तव में दुकानों के भाव 8 से 10 हजार वर्गफीट से अधिक वसूले जाते हैं। राजस्व विभाग में इमारतों के फ्लेट, रो हाउस, बंगला आदि भी न्यूनतम रेट पर बेचे जाते हैं। रिंग रोड आने से एक्स्ट्रा रेट और बढ़ गई है।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग
सिलवासा. शहर के मुख्य व भीड़भाड़ वाले स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की जरूरत है। अथाल नक्षत्र गार्डन, नरोली रोड, बालाजी मंदिर रोड़, बाविसा फलिया जंक्शन, सब्जी मार्केट, आमली चौराहा, डोकमर्डी ब्रिज, ओआइडीसी गोदाम एवं सरकारी बैकों के पास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं हैं। सीसीटीवी कैमरों के अभाव से चोरी, छीना-झपटी की शिकायतें बढ़ रही हैं। नक्षत्र गार्डन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। यहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं होने से असामाजिक तत्व भागने एवं छिपने में सफल हो जाते हंै।
शहर में बहुत कम जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। सिलवासा और नरोली विस्तार के 32 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उसमें कई बंद पड़े हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने से सीसीटीवी कैमरों का संचालन ढंग से नहीं हो रहा है। भारतीय समाज उत्कर्ष संघ के प्रमुख अनिल पटेल ने शहर में आपराधिक वृत्तियों को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की हैं। उन्होंने लिखा है कि सिलवासा को स्मार्ट सिटी बनाने की पहल शुरू हो चुकी है। सबसे पहले सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।