
सूरत. कतारगाम में बुधवार रात लूट का शिकार हुए ग्लो स्टार कंपनी के कर्मचारी बिना कोई सुरक्षा व्यवस्था करोड़ों रुपए के हीरे लेकर कतारगाम सेफ डिपोजिट वॉल्ट में रखने गए थे। बालाश्रम रोड पर गोधाणी सर्किल पर सेफ डिपोजिट वॉल्ट के पास घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शहर पुलिस आयुक्त सतीष शर्मा ने बताया कि कंपनी की ओर से सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई। कंपनी ने प्रतिदिन सुबह-शाम सेफ वॉल्ट में हीरे लाने-ले जाने के लिए कोई हथियारधारी सुरक्षाकर्मी (गनमैन) नहीं रखा था। कार में ड्राइवर के साथ प्रबंधक विजय और एक कर्मचारी प्रकाश ही करोड़ों रुपए के हीरे लाते-ले जाते थे। करंट का झटका देकर हीरों भरा बैग लूटने के बाद लुटेरों ने भागते समय रिवॉल्वर से कर्मचारियों की कार पर गोली भी चलाई थी। उन्होंने कार के टायरों पर गोली चलाकर उन्हे पंचर कर दिया, ताकि कर्मचारी कार से उनका पीछा न करें। रिवॉल्वर के डर से कोई बीच-बचाव के लिए सामने नहीं आया। कतारगाम में नंदू दोषी की वाड़ी में हीरा कारोबारी केशूभाई गोटी की कंपनी ग्लो स्टार के दो कर्मचारी बुधवार रात करीब नौ बजे कार से हीरे कतारगाम सेफ वॉल्ट में रखने निकले थे। सेफ वॉल्ट बिल्डिंग पहुंच कर जैसे ही दोनों कार से उतरे, आधा दर्जन बदमाशों में से किसी ने करंट के झटके देकर एक कर्मचारी के हाथ से हीरों से भरा बैग छीन लिया। इस वारदात के बाद शहर में दहशत का माहौल है।
तकनीकी विश्लेषण में जुटी हंै पुलिस टीमें
वारदात के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें तकनीकी विश्लेषण में जुटी हैं। एक टीम ग्लो स्टार कंपनी के कर्मचारियों के मोबाइल कॉल डिटेल की जांच कर रही है। एक अन्य टीम वारदात से कुछ दिन पहले के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि लुटेरों ने रेकी की थी या नहीं। इसके अलावा वारदात के वक्त सक्रिय मोबाइल फोन की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सौराष्ट्रीयन गिरोह होने की आशंका
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को जो फुटेज मिले हैं, उनमें आरोपी सफेद कपड़ों में हैं। इस तरह के कपड़े सौराष्ट्र में अधिक पहने जाते हैं। भूतकाल में इस तरह लूट की वारदातों को अंजाम देने में सौराष्ट्र का भूपत आहिर गिरोह लिप्त रहा है। भूपत फिलहाल जेल में बताया जा रहा है, लेकिन उसके गिरोह के लोग सक्रिय हो सकते हैं।
पुलिस ने 10 टीमें बनाईं
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को लुटेरों का ठोस सुराग मिल गया है। उनकी तलाश के लिए सूरत शहर पुलिस, क्राइम ब्रांच के अलावा अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएम) और भावनगर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को मिलाकर दस टीमें गठित की गई हैं, जो अपने-अपने तरीके से लुटेरों की खोज में जुटी हैं।
Published on:
16 Mar 2018 05:51 pm
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