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रेलवे पुलिस के ट्रैफिक शाखा जवान करते हैं बदसलूकी, टोकने पर जुर्माना वसूली

स्टेशन परिसर में यात्रियों के साथ दादागीरी, पीएसआइ की मौजूदगी में होता है खेल, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

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रेलवे पुलिस के ट्रैफिक शाखा जवान करते हैं बदसलूकी, टोकने पर जुर्माना वसूली

सूरत. सूरत स्टेशन पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए तैनात रेलवे पुलिस के जवान यात्रियों से जुर्माना वसूलने के दौरान अभद्रता करते हैं। सोमवार सुबह एक कांस्टेबल ने बाइक सवार को रोका और जुर्माना लेने के दौरान उससे गाली-गलौच करते हुए धक्का-मुक्की की। मौके पर मौजूद उप निरीक्षक ने भी कांस्टेबल की तरफदारी करते हुए यात्री की गलती ठहराते हुए एक हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया। सूरत स्टेशन परिसर में यात्रियों के सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल तथा रेलवे पुलिस की है। रेलवे एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों की जांच रेलवे सुरक्षा बल करता है, वहीं रेलवे पुलिस आइपीसी की धारा के तहत दर्ज होने वाले गंभीर अपराधों की जांच करती है। पिछले कुछ समय से रेलवे पुलिस के तहत ट्रैफिक शाखा में तैनात किए जवानों द्वारा यात्रियों से अभद्र व्यवहार की शिकायतें बढ़ गई हैं। ताजा मामला सोमवार को सामने आया, जब एक यात्री से जुर्माना वसूलने के लिए कांस्टेबल ने अभद्र व्यवहार किया।


जानकारी के अनुसार एक युवक सोमवार सुबह दस बजे सूरत स्टेशन पर परिजन को लेने गया था। स्टेशन परिसर में फूड प्लाजा के पास वह गया तो रेलवे पुलिस के कांस्टेबल उम्मेद सिंह ने रोक लिया। मोबाइल पर बात करने के लिए जुर्माने के तौर पर एक हजार रुपए भरने को कहा। युवक ने फोन पर सिर्फ परिजन का लोकेशन पूछने की बात कहते हुए जुर्माना नहीं वसूलने का आग्रह किया। इसके बाद भी उम्मेद सिंह नहीं माना। उसने युवक से अभद्र तरीके से बात की। भद्दी गालियां दीं। युवक ने इसकी शिकायत मौके पर मौजूद उप निरीक्षक आर.आइ. मंसूरी से की, लेकिन उन्होंने भी कांस्टेबल की तरफदारी की और एक हजार रुपए जुर्माने की रसीद बना दी गई। राजस्थान पत्रिका ने इस संदर्भ में रेलवे पुलिस निरीक्षक एम.एस. बोदर से बात की तो उन्होंने बताया कि वह मामले की जांच करेंगे और संबंधित पुलिसकर्मियों से घटना की जानकारी लेंगे।


महीनों से नहीं हुआ रोटेशन


रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को स्टेशन परिसर में अलग-अलग प्वॉइंट पर रोटेशन से ड्यूटी दी जाती है। रेलवे पुलिस के जवान स्टेशन परिसर में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए नियुक्त किए जाते हैं। यह जवान स्टेशन बिल्डिंग के सामने कुर्सी लगाकर बैठे रहते हैं। यहीं पुलिसकर्मी स्टेशन परिसर में मोबाइल पर बात करने और नो पार्किंग के नाम पर आते-जाते लोगों से वसूली करते रहते हैं। इनकी ड्यूटी में रोटेशन महीनों से नहीं हुआ है। यात्रियों से अभद्र व्यवहार और वसूली के मामले बढ़ गए हैं।


रिक्शा ड्राइवर निशाने पर


यात्री स्टेशन आने के लिए ऑटो रिक्शा या निजी वाहन का सहारा लेते हैं। रेलवे पुलिस के ट्रैफिक शाखा के जवान परिसर में ऑटो रिक्शों पर नजरें गड़ाए रहते हैं। स्टेशन के बाहर से आने वाले रिक्शा चालकों को नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने, अधिक सामान लाने या किसी और नियम के तहत दोषी बताते हुए वह जुर्माना वसूलते है। यही कारण है कि कई रिक्शा चालक यात्रियों को स्टेशन परिसर के बाहर ही उतार देते हैं।

जांच रिपोर्ट मांगी


युवक के साथ हुई घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सूरत रेलवे पुलिस तथा इस क्षेत्र के उप अधीक्षक को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
केएन डामोर, अधीक्षक, रेलवे पुलिस

ड़ोदरा

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