
सूरत में भी बनने लगा वेल्वेट कपड़ा
प्रदीप मिश्रा,सूरत
समय के साथ कदमताल मिला रहे सूरत के उद्यमियों ने अब पॉलिएस्टर कपड़ों के साथ वेल्वेट-9000 कपड़़ों का उत्पादन भी शुरू किया है। दो साल पहले चीन से आयात किया जा रहा वेल्वेट कपड़ा अब सूरत में भी प्रतिदिन लाखों मीटर बनता है। इतना ही नहीं यहां के कपड़े विदेशी कपड़ों की अपेक्षा सस्ते होने के कारण उनकी डिमांड भी अच्छी है।
कपड़ा उद्यमियों के अनुसार सूरत के उद्यमियों को पहले चीन तथा अन्य देशों से वेल्वेट कपड़ा आयात करना पड़ता था। अब सूरत के उद्यमी भी इस पर हाथ आजमा रहे हैं। सूरत में लगभग 40 उद्यमी वेल्वेट कपड़ों का उत्पादन कर रहे हैं। यह कपड़े बनाने के लिए विस्कॉस और पॉलिएस्टर यार्न का उपयोग किया जाता है। वेल्वेट कपड़ों का उपयोग दुपट्टा, टॉप और ब्लाउज में ज्यादातर इस्तेमाल होता है। इन कपड़ों की कीमत 100 से 125 रुपए प्रति मीटर होती है। इसके बाद इस पर डाइंग, प्रिन्ट और एम्ब्रॉयडरी वर्क कराने पर कीमत और बढ़ जाती है। इनका ग्रे बनाने के लिए सामान्य लूम्स की अपेक्षा थोड़ी अलग तरह की मशीनें लगानी पड़ती हैं। यह मशीनें भी उद्यमियों ने खरीद ली हैं। वेल्वेट कपड़ों को दो पार्ट में डाइंग-प्रोसेस करना होता है। कुछ समय पहले तक वेल्वेट कपड़ों को प्रोसेस करने वाली कई मशीनें सूरत में नहीं थी, लेकिन अब वह मशीनें भी उपलब्ध हैं। वेल्वेट कपड़े बनाने की मशीनें भारत में भी बनती हैं और जर्मनी से भी आयात होती हैं। इनकी कीमत 5 लाख रुपए से लेकर 20 लाख रुपए तक है।
कपड़ा उद्यमियों का कहना है कि युवा पीढ़ी पुराने ढंग से चले आ रहे कपड़ों की अपेक्षा क्रिएशन पसंद करती है। इसलिए उन्हें वेल्वेट कपड़े आकॢषत करते हैं। वेल्वेट कपड़ों का मार्केट भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अच्छा है। बताया जा रहा है कि चीन से कपड़े आयात करने पर उन पर टैक्स लगने से वह सूरत के कपड़ों की अपेक्षा महंगे हो जाते हैं। इस कारण उद्यमियों का पर्याप्त लाभ मिल जाता है।
वेल्वेट कपड़ों की ओर रुख
एक समय में चीन से वेल्वेट कपड़े बड़े पैमाने पर सूरत में आते थे, लेकिन अब सूरत में भी लगभग 40 उद्यमी इसके उत्पादन में जुड़ गए हैं। प्रतिदिन यहां तीन लाख मीटर कपड़ों का उत्पादन होता है। आगामी दिनों में इसका बाजार और बढ़ेगा।
सुभाष धवन, कपड़ा उद्यमी
सूरत में भी उत्पादन शुरू
सूरत के उद्यमी पिछले दो साल से वेल्वेट कपड़ों का उत्पादन की दिशा में काम कर रहे थे। अब यहां बड़े पैमाने पर वेल्वेट कपड़े बनने लगे हैं। उद्यमियों ने इसके लिए आवश्यक लूम्स मशीने भी खरीद ली हैं और प्रोसेस भी होने लगा है।
प्रमोद चौधरी, कपड़ा उद्यमी

Updated on:
05 Sept 2018 08:44 pm
Published on:
06 Sept 2018 08:02 am
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